'आप' के नेता को बिजली कंपनी का नोटिस

6 views
Skip to first unread message

Mahendra Kumar Gupta

unread,
May 18, 2013, 11:50:21 PM5/18/13
to dwarka-residents

आप' के नेता को बिजली कंपनी का नोटिस


नई दिल्ली।।
बिजली के बिल जमा न करने के मामले में बिजली कंपनी बीवाईपीएल ने आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसौदिया को नोटिस भेजा है। इन्होंने दो बिलिंग साइकल से अपना बिल जमा नहीं किया है। इनका बिजली कनेक्शन काटने की बात चल रही थी लेकिन अब बिजली कंपनी कनेक्शन काटने की बजाय दूसरा नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है।

पांडव नगर में एनजीओ ऑफिस का बिजली कनेक्शन 'आप' नेता सिसौदिया की पत्नी सीमा के नाम पर है। इन्होंने बिजली का आखिरी बिल 14 दिसंबर 2012 को 1,840 रुपये भरा था। बिजली कंपनी सूत्रों के मुताबिक इसके बाद उन्होंने दो बिलिंग साइकल से बिल अदा नहीं किया और उन पर 2,610 रुपये बकाया है। बिल देने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2013 थी। इसके 15 दिन बाद उन्हें नोटिस भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक बिजली कंपनी कनेक्शन काटने की प्लानिंग कर रही थी लेकिन इस आइडिया को ड्रॉप कर दिया। दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि सरकार इस मसले पर आप से उलझना नहीं चाहती इसलिए बिजली कंपनियों से भी कहा गया है कि ऐसा कुछ न करें जिससे मामला ज्यादा तूल पकडे़।

सूत्रों के मुताबिक आम कंस्यूमर का कनेक्शन काटने में इतना नहीं सोचना पड़ता लेकिन यह मामला अलग है इसलिए बिजली कंपनी भी सेफ गेम खेल रही है। इलैक्ट्रिसिटी एक्ट के मुताबिक अगर कोई बिल जमा नहीं करता है तो आखिरी तारीख गुजरने के बाद एक नोटिस दिया जाता है और जवाब न मिलने और बिल जमा न होने पर कनेक्शन काटा जा सकता है। सिसौदिया के गाजियाबाद वाले पते पर भी नोटिस आया है क्योंकि यहां का बिल भी जमा नहीं किया है। यहां बिजली का कनेक्शन काटने भी आए थे और ममुकिन है कि कुछ दिन में कनेक्शन कट भी जाए।
'आप' ने साढ़े दस लाख लोगों की जो चिट्ठियां मुख्यमंत्री को दी थीं इन चिट्ठियों का भी अब तक कुछ नहीं हुआ है। इनमें बिजली के दाम कम करने या आधा बिल जमा करने की बात लिखी है। दिल्ली सरकार ने यह चिट्ठियां कार्रवाई के लिए डीईआरसी भेज दी। डीईआरसी चेयरमैन पी. डी. सुधाकर ने कहा कि इन पर क्या एक्शन किया जाए हम यह तय नहीं कर पा रहे हैं। इनमें बिल आधा जमा करने की बात है और डीईआरसी में बिल नहीं जमा होता। हम अब कुछ दिनों में दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कहेंगे कि पावर विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग बुलाई जाए और तय किया जाए कि क्या करना है।
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages