PMOPG/E/2026/0000149
सम्बंधित मंत्रालय: भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण
पारंपरिक रूप से सजावट के लिए बहुत सी मिठाईयों में इस वर्क का प्रयोग होता है। किन्तु चांदी की दिन दौगुनी व रात चौगुनी बढ़ती कीमतों से चांदी के वर्क में मिलावट के संशय को बल मिला है। हमारे देश में जहां पचास रुपए किलो का दूध नकली मिल रहा है वहाँ क्या ढाई लाख रुपए किलो की वस्तु असली होगी? यह स्थिति न केवल उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि प्रत्यक्ष रूप से जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करती है।
चांदी में अक्सर एल्युमिनियम की मिलावट होती है जो की स्वास्थ्य की दृष्टि से एक अत्यंत घातक पदार्थ है इसका सेवन यकृत को गंभीरत रूप से क्षति ग्रस्त करने की क्षमता रखता है। यह सर्व विदित है की हमारे राष्ट्र में मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है लचर प्रवर्तन के चलते बाजार मिलावटी तत्वों से भरे पड़े हैं। फलों को मसाले से पकाना अपराध है किन्तु सम्पूर्ण दिल्ली शहर में एक भी ऐसी दुकान नहीं है जहां बिना मसाले वाले फल मिलते हों। अतएव यह अनुरोध किया जाता है की
अतः भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से यह अपेक्षा की जाती है कि वह अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए अनता के स्वास्थय रक्षार्थ निम्नलिखित कदम तत्काल उठाए: