PMOPG/E/2026/0038126
संबंधित विभाग : दिल्ली नगर निगम।
द्वारका डाबरी मार्ग नाले के ऊपर बना एक पुल है। इसे कंक्रीट के बड़े बड़े स्लैब जोड़ कर बनाया गया है, प्रत्येक जोड़ पर दोनों स्लैबों के बीच कुछ दूरी होती है जिससे गड्ढा बनाता है। वाहनों को झटके से बचाने की खातिर इस गड्ढे को ठोस रबर से भरा जाता है। किन्तु इस मार्ग पर 4-5 जोड़ों पर ये रबर पूरी तरह निकल चुकी है तथा सभी वाहन गड्ढे में जाने को मजबूर हैं। पिछले 8-9 माह से तो मैं ही यह देख रहा हूँ, उससे पहले भी ये ना जाने कब से होगा। सवाल है की अनुरक्षण दल ने इसे समय रहते ठीक क्यों नहीं किया? सभी स्थल निरीक्षण दल के सदस्य कहाँ हैं? क्या किसी की कोई जवाबदेही नहीं है? क्या इतना सा काम भी प्रशासन अपने आप नहीं कर सकता? अगर कार्मिक नियमित रूप से वेतन ले रहे हैं तो काम करने में कोताही क्यों? सरकार तो दावा कर रही है कि वो 48 घंटों में गड्ढे भरेगी पर यहाँ तो 48 हफ्ते में भी कुछ नहीं हुआ? सारे कर्मचारी कहाँ मौज मनाने गए हैं? इस सड़क से बहुत से अधिकारी नित्य यात्रा करते होंगे, ऐसी क्या मजबूरी है की सबने आंखे मूँद रखी हैं ???? (चित्र संलग्न)।
एतदर्थ, इस संदर्भ में मेरा अनुरोध है कि :
1. इसकी मरम्मत का तुरंत प्रभाव से प्रबंध किया जाए?
2. सभी संबंधित कार्मिकों से इसका स्पष्टीकरण मांगा जाए
3. दोषी कार्मिकों कि वार्षिक रिपोर्ट में उपयुक्त टिप्पणी दर्ज की जाए,
4. सभी दायितत्वहीन कार्मिकों का नाम सार्वजनिक किया जाए।