| 12-07-26 | प्रात:मुरली ओम् शान्ति ''अव्यक्त-बापदादा'' | रिवाइज: 31-12-10 मधुबन |
पुराने वर्ष को विदाई देने के साथ पुराने संस्कारों को विदाई दे निर्विघ्न रहने का दृढ़ संकल्प लो और रहमदिल, मास्टर दाता बन मन्सा सेवा द्वारा दु:खी अशान्त आत्माओं को सहारा दो
| वरदान:- | ईश्वरीय भाग्य में लाइट का क्राउन प्राप्त करने वाले सर्व प्राप्ति स्वरूप भव दुनिया में भाग्य की निशानी राजाई होती है और राजाई की निशानी ताज होता है। ऐसे ईश्वरीय भाग्य की निशानी लाइट का क्राउन है। और इस क्राउन की प्राप्ति का आधार है प्युरिटी। सम्पूर्ण पवित्र आत्मायें लाइट के ताजधारी होने के साथ-साथ सर्व प्राप्तियों से भी सम्पन्न होती हैं। अगर कोई भी प्राप्ति की कमी है तो लाइट का क्राउन स्पष्ट दिखाई नहीं देगा। |
| स्लोगन:- | अपनी रूहानी स्थिति में स्थित रहने वाले ही मन्सा महादानी हैं। |
ये अव्यक्त इशारे - ज्वालास्वरूप स्थिति में रह शक्तिशाली याद का अनुभव करो
अभी अच्छा-अच्छा कहते हैं, लेकिन अच्छा बनना है यह प्ररेणा नहीं मिल रही है। उसका एक ही साधन है - संगठित रूप में ज्वाला स्वरूप बनो। एक एक चैतन्य लाइट हाउस बनो। सेवाधारी हो, स्नेही हो, एक बल एक भरोसे वाले हो, यह तो सब ठीक है, लेकिन मास्टर सर्वशक्तिवान की स्टेज, स्टेज पर आ जाए तो सब आपके आगे परवाने के समान चक्र लगाने लगेंगे।