| 14-03-2026 | प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा"' | मधुबन |
| “मीठे बच्चे - एक बाप ही नम्बरवन एक्टर है जो पतितों को पावन बनाने की एक्ट करते हैं, बाप जैसी एक्ट कोई कर नहीं सकता'' | |
| प्रश्नः- | संन्यासियों का योग जिस्मानी योग है, रूहानी योग बाप ही सिखलाते हैं, कैसे? |
| उत्तर:- | संन्यासी ब्रह्म तत्व से योग रखना सिखलाते हैं। अब वह तो रहने का स्थान है। तो वह जिस्मानी योग हो गया। तत्व को सुप्रीम नहीं कहा जाता। तुम बच्चे सुप्रीम रूह से योग लगाते इसलिए तुम्हारा योग रूहानी योग है। यह योग बाप ही सिखला सकते, दूसरा कोई भी सिखला न सके क्योंकि वही तुम्हारा रूहानी बाप है। |
| गीत:- | तू प्यार का सागर है.. |
मीठे-मीठे सिकीलधे बच्चों प्रति मात पिता बापदादा का याद-प्यार और गुडमार्निंग। रूहानी बाप की रूहानी बच्चों को नमस्ते।
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) सच्चे-सच्चे आशिक बन हाथों से काम करते बुद्धि से माशूक को याद करने की प्रैक्टिस करनी है। बाप की याद से हम स्वर्गवासी बन रहे हैं, इस खुशी में रहना है।
2) सूर्यवंशी डिनायस्टी में तख्तनशीन बनने के लिए मात-पिता को पूरा-पूरा फॉलो करना है। बाप समान नॉलेजफुल बन सबको रास्ता बताना है।
| वरदान:- | ताज और तिलक को धारण कर बापदादा के मददगार बनने वाले दिलतख्तनशीन भव जब कोई तख्त पर बैठते हैं तो तिलक और ताज उनकी निशानी होती है। ऐसे जो दिल तख्तनशीन हैं उनके मस्तक पर सदैव अविनाशी आत्मा की स्थिति का तिलक दूर से ही चमकता हुआ नजर आता है। सर्व आत्माओं के कल्याण की शुभ भावना उनके नयनों से वा मुखड़े से दिखाई देती है। उनका हर संकल्प, वचन और कर्म बाप के समान होता है। |
| स्लोगन:- | सरल याद के लिए सरलता का गुण धारण करो, संस्कारों को सरल बनाओ। |
ये अव्यक्त इशारे- “निश्चय के फाउण्डेशन को मजबूत कर सदा निर्भय और निश्चिंत रहो"
विजयी बनने का फाउन्डेशन है “निश्चय'', फाउन्डेशन अगर पक्का है तो बिल्डिंग हिल नहीं सकती, निश्चिंत रहते हैं। लेकिन सिर्फ बाप में निश्चय नहीं, अपने आपमें भी निश्चय और ड्रामा में भी निश्चय। वाह ड्रामा वाह! अगर ड्रामा में निश्चय होगा तो अकल्याण की बात भी कल्याण में बदल जायेगी।