
छत्तीसगढ़ जाति प्रमाण पत्र समस्या एवं समाधान संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्य मंत्री विष्णु देव साय से मिलकर बताया कि छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाण पत्र के लिए 1950 का दस्तावेज मांगा जाता था, इस कारण बहुत सारे अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के लोग 1950 का दस्तावेज नहीं होने के कारण जाति प्रमाण पत्र से वंचित थे। इस संबंध में कई संगठनों ने यह मांग की थी की कट ऑफ डेट चेंज किया जाए। केंद्र शासन ने आखिर इस बहु प्रतीक्षित मांग को पूरा किया और 10 जून 2025 को आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुसार देश के राज्यों में नया कट ऑफ डेट राज्य के पुनर्गठन अधिसूचना का दिनांक होगा। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ में नया कट ऑफ डेट 25 अगस्त सन् 2000 होगा। इस प्रकार जाति प्रमाण पत्र के लिए 1950 के दस्तावेज की अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। इस संबंध में संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से इस बारे में नियम बनाने तथा मातहत को आवश्यक दिशा निर्देश देने हेतु आग्रह करता है।
माननीय मुख्यमंत्री जी, यह पत्र छत्तीसगढ़ शासन के संज्ञान में पहले ही भेजा जा चुका है। हमारा मोर्चा कई वर्षों से इसी पीड़ा को लेकर आवाज उठा रहा था। अब जबकि भारत सरकार ने स्वयं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, तो हमारा माननीय मुख्यमंत्री जी से विनम्र निवेदन है किः
अतः मुख्य मंत्री से निवेदन है कि इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए आवश्यक आदेश जारी करने की कृपा करें, ताकि हजारों परिवारों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।
छत्तीसगढ़ जाति प्रमाण पत्र समस्या एवं समाधान संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने भेंट किया
सादर !
संलग्नः-भारत सरकार के 10 जून 2025 के आदेश की हिंदी एवं इंग्लिश प्रति
रायपुर, दिनांक 1/03/2026
भवदीय
समिति के अध्यक्ष रधुचंद निहाल, प्रमोद वासनिक, लखन सागर, सावित्री जगत, संजीव खुदशाह, डाँ एस के जाघव, बंटी निहाल, संतोष बोरकर, जयगोविंद बेरिहा