AHINSA

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nicky modi

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May 30, 2007, 9:03:36 AM5/30/07
to hindu, hindu, hindu, hindu, hindu, hindu, hindu, hindu, hindu, c, hindu
"गान्धीजी की भुमिका हर बार अप्रस्तुत ही रही है। वे कोन्ग्रेस के हमेशा से आदर्श रहे है। हर बार अहिन्सा की बीन बजाना क्या योग्य है? आज १९३० और १९४२ के पडाव पर हमे आज़ादी मिल गयी होती। ये दोनो समय के बीच मे जो हीन्सा या शहीदी हुइ उनकी व्याख्या कौन करेगा? देश का विभाजन अहीन्सा की नोक पर हुआ।आज पाकिस्तान नामका हमारा बच्चा हमे ही पल-पल जला रहा है।यही बीन नेहरु नामक शैतान ने अपने हाथो मे ली और चीन को तिब्बत देकर भी हजारो कि बलि दी। वो भी आज अरुनाचलप्रदेश ले कर बाप बनने का दावा कर रहा है।हमारे महामहीम राष्ट्रपति भी अफ़्ज़ल को बचाने की हर सम्भव कोशिश कर रहे है।उन्होने साबित कर दिया कि वो पेहले मुसलमान है बाद मे यहा के नागरिक ।काने को काना केहना बडे वीरो का ही काम है।गान्धीजी के समय मे ये हिम्मत गोडसे मे थी।आज बाल ठाकरे और डो. तोगडिया मे कडवी से कडवी बात करने की ताकत है।अगले राष्ट्रपति क्या अबभी कलाम होने चाहिये।आने वाले सालो मे अगर कोन्ग्रेसी राष्ट्रपति हुआ तो बहोत सारे आतन्कवादीयो को क्षमा याचना मिलेगी।अरे भाइ यही तो अहीन्सा है।गान्धीजी को इश्वर मानना अपराध नही है लेकिन उनसे पेहले जो हो गये है उन भगवान राम,क्रुष्न,अर्जुन,गुरु गोविन्द सिन्घ,शिवाजी जैसे कितनो को भुल जाना अपराध है।क्योकी उन्होने राष्त्रहीत के लिये शस्त्र भी उठाए थे।
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