ज.अं./एस.एस.बी.सी./2017-18/2131 दिनांक: 28.03.2018
Ø समस्त नियंत्रक, सदस्य बैंक, राजस्थान
Ø समस्त अग्रणी जिला प्रबन्धक, राजस्थान
महोदय/महोदया,
विषय: केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धि आशानुरूप नहीं होने के संबंध में.
विषयान्तर्गत प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), भामाशाह रोजगार सृजन योजना (BRSY) एवं अन्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत आवंटित लक्ष्यों (भौतिक एवं वित्तीय) को प्राप्त करने एवं बैंक शाखाओं को अग्रेषित पत्रों के शीघ्र निस्तारण के लिए हमारे कार्यालय से निम्नलिखित नवीनतम पत्रों से अनुरोध किया गया है:
1. ज.अं./एस.एल.बी.सी./2017-18/983 दिनांक 25.09.2017
2. ज.अं./एस.एल.बी.सी./2017-18/1479 दिनांक 15.11.2017
3. ज.अं./एस.एल.बी.सी./2017-18/1500 दिनांक 27.11.2017
4. जअं/एसएलबीसी/PMEGP/2017-18/1636 दिनांक 16.12.2017
5. ज.अं./एस.एल.बी.सी./2017-18/1643 दिनांक 18.12.2017
6. ज.अं./एसएलबीसी/PMEGP/2017-18/1804-13 दिनांक 22.01.2018
7. ज.अं./एस.एस.बी.सी./2017-18/1848 दिनांक: 01.02.2018
इस संबंध में हमारे नियमित रूप से एसएलबीसी की बैठकों एवं नोडल विभाग द्वारा आयोजित बैठकों में योजनांतर्गत प्रगति की समीक्षा करने तथा एसएलबीसी कार्यालय के व्यक्तिगत फॉलोअप करने के पश्चात भी लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियां आशानुरूप नही हैं. साथ ही आपको सूचित करना चाहते है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति में कुछ ही दिन शेष है जिसको देखते हुए सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में बैंक शाखाओं को अग्रेषित ऋण आवेदन पत्र बड़ी मात्रा में निस्तारण हेतु अभी भी लंबित हैं जो बेहद खेदजनक एवं चिन्तनीय भी है.
इस क्रम में महाप्रबंधक, भारतीय रिजर्व बैंक, जयपुर ने पत्र दिनांक 15.03.2018, 20.03.2018 एवं 21.03.2018 इत्यादि जो कि नियंत्रक, सदस्य बैंकों को व्यक्तिगत रूप से संबोधित है से सूचित किया है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित अन्य योजनाओं यथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना (PMEGP), भामाशाह रोजगार सृजन योजना (BRSY), एनयूएलएम, एनआरएलएम, पीएमएमवाई एवं स्टेंड उप इंडिया के अंतर्गत विभिन्न बैंक शाखाओं द्वारा लक्ष्यों के सापेक्ष उपलब्धियां आशानुरूप नही हैं एवं उन्होने योजनाओं में बैंक शाखाओं को अग्रेषित ऋण आवेदन पत्र बड़ी मात्रा में निस्तारण हेतु अभी भी लंबित होने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
साथ ही उन्होने समस्त नियंत्रक सदस्य बैंकों को बीसीएसबीआई द्वारा एमएसएमई पर जारी किए गए Code of Banks Commitment to Micro and Small Enterprises – August 2015 के मानदंडो के अनुसार सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों का सम्यक दृष्टिकोण से जांच कर निर्धारित समय में निष्पादन करना सुनिश्चित करने हेतु निर्देश प्रदान किए.
समस्त बैंकों के नियंत्रकों से अनुरोध करते हैं कि वित्तीय वर्ष के बचे समय में केंद्र व राज्य सरकार की अन्य योजनाओं यथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, भामाशाह रोजगार सृजन योजना, एनयूएलएम, एनआरएलएम, एससी/एसटी पॉप, पीएमएमवाई एवं स्टेंड उप इंडिया में आपके बैंक को दिए गए लक्ष्यों को प्राप्त करने, स्वीकृत आवेदन पत्रों में ऋण वितरित करने एवं लंबित ऋण आवेदन पत्रों को शीघ्र निस्तारित करने हेतु अपने बैंक की शाखाओं को निर्देशित करने का श्रम करें.
समस्त अग्रणी जिला प्रबन्धकों से अनुरोध है कि अपने जिले के केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में बैंक शाखावार लक्ष्यों को पूरा करने हेतु गहन निगरानी करने का श्रम करें एवं लंबित ऋण आवेदन पत्रों का शीघ्र निस्तारण करने हेतु शाखाओं को निर्देशित करें.
भवदीय
एन.सी.उप्रेती
संयोजक एसएलबीसी एवं महाप्रबंधक