सर्वज्ञ - सुभाषित

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Pankaj Narula

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Feb 24, 2006, 11:21:04 AM2/24/06
to chit...@googlegroups.com
दोस्तो

मुझे विश्वास है कि आप सभी यह तो जानते ही होंगे कि सर्वज्ञ जो कि हिन्दी जालजगत के ज्ञानकोष का काम करता है एक नए मनमोहक रंग रूप में आ चुका है। इस बारे में अक्षरग्राम पर भी लिखा था। यदि आपने नहीं देखा तो एक बार देख कर अक्षरग्राम पर इस लिंक पर पढ़ कर अपनी राय जरुर बताएं।

यह मेल आप को अनुनाद द्मारा आयोजित अनूगूँज के सुभाषित सहस्त्र यानि "thousand hindi quotes" के बारे में बताने के लिए लिख रहा हूँ। पहले यह सभी सुभाषित सर्वज्ञ पर एक ही पन्ने पर थे जो कि बहुत बड़ा था। लेकिन अच्छी बात यह थी कि यह सुभाषित वर्गीकृत थे। इसमें लगी मेहनत का अंदाजा मुझे तब हुआ जब कि मैंने इसे और सुव्यवस्थित करने की सोची। आरम्भ तो किया लेकिन बहुत मेहनत और सबर का इम्तहान हो गया। पर परिणामों से मैं खुश हूँ। ज्यादा बकबक न करते हुए आप खुद ही देखें। जाने के दो तरीके हैं
१. श्रेणी:सुभाषित
२. Hindi_Subhashit_Shashtra

देखें, अपनी राय बताएं व इसके बारे में अपने अपने ब्लॉग पर लिखें।

पंकज नरुला
http://ms.pnarula.com | मिर्ची सेठ
http://pnarula.com | Beta Thoughts
 

ई-स्वामी

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Feb 24, 2006, 12:05:57 PM2/24/06
to Chit...@googlegroups.com
Pankaj,
 
Its all good except that the first link does not work.  unicode meta tag is not enabled in the first one either. :thumbs up waala icon:
 
eSwami.

 
2006/2/24, Pankaj Narula <pankaj...@gmail.com>:

नितिन

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Feb 24, 2006, 4:32:08 PM2/24/06
to Chithakar
सुन्‍दर संकलन!!

मुझे प्रिय सुभाषित :
सुयोग और सुअवसर के अभाव में
योग्यता का कोई मुल्य नहीं
रहता - नेपोलियन
कृपया इसे भी शामिल करें

जीतू | Jitu

unread,
Feb 25, 2006, 2:01:17 AM2/25/06
to Chit...@googlegroups.com
वाह पंकज भाई, वाह
मजा आ गया। अब विकी अपने प्रोफ़ेशनल रुप मे दिख रही है।

लगे रहो।
अरे हाँ, रमण भाई कहाँ है आजकल, उनको सर्वज्ञ का स्वतन्त्र प्रभारी बनाया हुआ था, जरा ढूंढो भई, नही तो एफ़ आई आर तो दर्ज करवा ही दो।

-जीतू
--
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Jitendra Chaudhary
Email : jitu...@gmail.com Web:www.jituonline.com
------------------------------------------------------------------------------------------------------
When Life gets you down and nothing seems to go your way
Remember you always have a Friend.
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रजनीश मंगला

unread,
Feb 25, 2006, 5:38:12 PM2/25/06
to Chithakar
पंकज जी, आपने बहुत अच्छा
काम किया है। फिर भी मैं कुछ
और सुझाव देना चाहूंगा।

http://akshargram.com/sarvagya/index.php/Useful_links
इसमें समाचार स्थलों का जो
लिंक है, उसमें अभिव्यक्ति
जैसे भी लिंक हैं जो समाचार
स्थल नहीं बल्कि साहित्यिक
स्थल हैं। जबकि एक ललित
निबंध के लिए आपने अलग पेज
बनाया है। मैं गुज़ारिश
करूंगा कि ललित निबंध वाले
लिंक को भी अन्य स्थलों के
साथ जोड़ दिया जाए।

इस (http://akshargram.com/sarvagya/index.php/Useful_links)
पेज पर इतने लिंक हैं जिनके
नाम से ये ज़ाहिर नहीं हो
पाता कि उनमें क्या है।
इसलिए मैं चाहूंगा कि
समाचार / साहित्यिक स्थलों
जैसे महत्व्पूर्ण लिंक को
बिल्कुल मेन पेज पर लाया
जाए।

अगर मेरे सुझाव पसंद न आएं
तो क्षमा कीजिए।

अनुपम दूबे

unread,
Feb 26, 2006, 12:18:23 AM2/26/06
to Chithakar
Waah pankaj bhai,
jitni badai ki jaaye kam hai...
vaastav mein dil ko khush karne waala subhashit sankalan hai.

Ek chhota sa sujhaav/prashn:
subhashit sahasra ke oopar Angrezi mein "Hindi Subhashit Shashtra"
likha hai...
kya yahaan "Shashtra" ke bajaye "Sahasra" likhna uchin na hoga?

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