Hindi Pangram

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Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 1:40:26 AM3/18/08
to chit...@googlegroups.com
पंग्राम (यदि सही उच्चारण है तो) > Pangram उसे कहते हैं जिस वाक्य मे उस भाषा के सभी अक्षर आ गए हों. अंग्रेजी मे तो बहुत सारे पंग्राम हैं. सबसे प्रसिद्ध The quick brown fox jumps over a lazy dog. है.

क्या हिन्दी मे भी कोई पंग्राम है. इसकी कोई जानकारी है? यदि नही तो क्या हम बना सकते हैं? कोई कोशिश करे....

यहाँ कई भाषाओं के पंग्राम हैं. एक भी भारतीय भाषा का नही है.

http://en.wikipedia.org/wiki/Pangram

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Pankaj Bengani
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Anunad Singh

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Mar 18, 2008, 4:20:46 AM3/18/08
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बहुत सही विचार है। हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं में अच्छे पैनग्रम बनने  चाहिये।

कठिन नहीं है। जब कई सारे पैनग्राम बनेगे तो उसमे कुछ बहुत अच्छे भी  साबित होंगे।

 
 
-----------------------------

 
2008/3/17, Pankaj Bengani <pben...@gmail.com>:

जीतू | Jitu

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Mar 18, 2008, 4:22:43 AM3/18/08
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बनाओ भाई,
हम भी ट्राई मारते है आप लोगन भी ट्राई मारो
-जीतू

sanjay | जोग लिखी

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Mar 18, 2008, 4:37:45 AM3/18/08
to Chithakar
मात्राओं की समस्या का क्या? क्या एक मात्रा एक ही बार लागू होगी?

Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 4:40:45 AM3/18/08
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क्या इसमे क ख ग घ ड. को भी शामिल किया जाएगा?

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 4:42:37 AM3/18/08
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मात्राओं की चिंता नही करनी चाहिए मेरे विचार से . Quick brown fox.... मे भी E दो तीन बार आता है. कुल अल्फाबेट 26 होते हैं. इस वाक्य मे 35 अक्षर है. यानि कि एक अक्षर दो बार भी आया है.

हमे ऐसा वाक्य बनाना चाहिए  जिसमे मात्राएँ जो भी आएँ पर अक्षर सभी आएँ और वाक्य छोटे से छोटा हो.

On Tue, Mar 18, 2008 at 2:07 PM, sanjay | जोग लिखी <sanjay...@gmail.com> wrote:
मात्राओं की समस्या का क्या? क्या एक मात्रा एक ही बार लागू होगी?






Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 4:43:05 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
ऐसा कोई जरुरी नही है. पहले दुबारा तिबारा मात्र लगा कर बनाये

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 4:43:26 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
ड. >>इसका तो सही उच्चारण और उपयोग ही नही समझ पाया हुँ...

जीतू | Jitu

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Mar 18, 2008, 4:44:02 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
सबसे पहला तरीका तो है, वर्णमाला के सारे अक्षर एक जगह लिख दिए जाएं। (मात्राओं को अलग से)
उसके बाद कोशिश शुरु करिए।

पहले पहल हो सकता है कि बड़ा वाक्य बने, फिर छोटा किया जा सकता है।

sanjay | जोग लिखी

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Mar 18, 2008, 4:45:42 AM3/18/08
to Chithakar
कपड़ा


Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 4:46:44 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
मजेदार बात यह है कि गुरूमुखी मे पैनग्राम है. हमने एक खबर (http://www.tarakash.com/science/gurumukhi-helps-forensic-science.html) प्रकाशित की थी.. उसीसे मुझे आइडिया आया वास्तव में. गुरूमुखी मे 40 अक्षर बताए गए हैं.

लेकिन हमे वह पंजाबी पैनग्राम नही पता.

भाटिया जी शायद मदद कर सकें.

Debashish

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Mar 18, 2008, 4:50:00 AM3/18/08
to Chithakar
Ek nazar yahn bhi dalein: http://blogs.msdn.com/michkap/archive/2007/03/20/1917602.aspx

On Mar 18, 10:40 am, "Pankaj Bengani" <pbeng...@gmail.com> wrote:
> पंग्राम (यदि सही उच्चारण है तो) > Pangram उसे कहते हैं जिस वाक्य मे उस भाषा
> के सभी अक्षर आ गए हों. अंग्रेजी मे तो बहुत सारे पंग्राम हैं. सबसे प्रसिद्ध
> The quick brown fox jumps over a lazy dog. है.
>
> क्या हिन्दी मे भी कोई पंग्राम है. इसकी कोई जानकारी है? यदि नही तो क्या हम
> बना सकते हैं? कोई कोशिश करे....
>
> यहाँ कई भाषाओं के पंग्राम हैं. एक भी भारतीय भाषा का नही है.
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Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 4:54:30 AM3/18/08
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दादा की लिंक से कन्नड कविता मिली जिसमें सभी अक्षर हैं
ಗಾಢಾಂಧಕಾರದೊಳು ನಟನ ಪಟು ಮೇಘ ಸಖಿ
ಸಞ್ಚಲಿಸೆ, ಬೆಳಕು ಝರಿಯಂತೆ ಹರಿದಾಡಿ ಮೂಡಿ
ಜೀವ ಭಙ್ಗಿಯ ಜಾಣ್ಮೆ ಕಥಿಸೆ ಕೌಶಲ ಕೇಳಿ
ಫಲವೊ ಛಲರಹಿತ ರಸನಿಷ್ಠೈಕ ಮೋದಕೃತಿಯೇ

हिन्दी मे यह मिला >> सारे जहाँ से अच्छा हिंदोस्तां हमारा.

यह तो काफी अधुरा है.
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Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 4:56:23 AM3/18/08
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कपड़ा ke ड  में अन्तर है कपड़ा का ड ढ के बाद आता है जबकि ड. घ के बाद. शायद मैं सही हू?

On 18/03/2008, sanjay | जोग लिखी <sanjay...@gmail.com> wrote:
कपड़ा



rachana bajaj

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Mar 18, 2008, 5:01:52 AM3/18/08
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वाह!
है तो मजेदार लेकिन बहुत कठिन भी!

Debashish

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Mar 18, 2008, 5:02:30 AM3/18/08
to Chithakar
mujhe lagta hei aise prishton se hi kucch pangram ban sakega :)
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> >http://josh.tarakash.com,http://nukkad.tarakash.com,http://rasoi.tara...

Abhishek

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Mar 18, 2008, 5:02:44 AM3/18/08
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aap sahi kah rahe hain... कपड़ा wala ड़, ड. se alag hai..
Ganga ke sahi uchcharan me ड. ka prayog hota hai...

In fact niyam to ye hai ki क ख ग घ, in chaaron ke saath yadi an/am ka prayog karna ho to ड. aana chahiye lekin aajkal log chandrabindu se kaam chala lete hain..

dhanyawad
~Abhishek

PS: Hindi me na likhne ke liye kshama prarthi hoon... office PC pe hindi nahi install karee hai.

Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 5:44:16 AM3/18/08
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क्या अगर काम शब्द लिखा जाए तो इसमे आ की मात्र को मान लिया जाएगा या इसके लिए मुझे आम या आपका या आ से जुड़े शब्द लिखने ही पड़ेंगे?

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 5:50:00 AM3/18/08
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अच्छा पोइंट है. मुझे लगता है अ.आ..इ..ई. भी आए तो और भी अच्छा...

Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 6:14:47 AM3/18/08
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शायद यह तरीका कारगर हो. मैंने कुछ शब्द लिखे हैं जो रामायण से लिए गए हैं इसमे सारे हिन्दी के अक्षर हैं जिसे मिला कर पंक्ति बनाईं जा सकती है. आप भी इसे आजमाये
 
ऋषि, साधु, राक्षस, क्षत्रिय, ज्ञानी, श्रीलंका, श्रवण, खरदुशन, आकार, प्रकार, राम, कथा, धनुष, फल, भारत,  पाप, पुण्य, अच्छाई, बुराई, जनक, निर्झर, शाप, गङगा, घृणा, कौशल्या, कैकई इतराना, लज्जा तुलसीदास रचित, केवट, कठोर, हार, डंका, ढोल
 
मैं अभी इसे पूरा कर रहा था जो अभी तक यही बन सका है
 
श्री विष्णु का जन्म अयोध्या के महाप्रतापी राजा दशरथ के सबसे बड़े पुत्र श्री राम के रूप में राक्षस राज चलने वाले लंका के दुष्ट राजा रावण का सर्वनाश करने के लिए हुआ था,

 
On 18/03/2008, Pankaj Bengani <pben...@gmail.com> wrote:

जीतू | Jitu

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Mar 18, 2008, 6:21:53 AM3/18/08
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कुछ बदलाव के साथ

राक्षसराज के दुष्ट राजा का सर्वनाश करने वाले विष्णु के अवतार भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ के बड़े पुत्र के रुप मे हुआ।

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 6:24:58 AM3/18/08
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यह अच्छा जा रहा है. कितने अक्षर आ गए?

जीतू | Jitu

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Mar 18, 2008, 6:26:27 AM3/18/08
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दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

भई, गिनिए आप लोग, और हाँ ये भी देखिए, कोई अक्षर छूट गया हो तो बताइए,
साथ ही इसको छोटा करने का भी खेल खेलिए।

shailesh bharatwasi

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Mar 18, 2008, 6:29:10 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com

लगभग एक वर्ष पहले अहमदाबाद के किसी युवक ने मुझसे ऑरकुट पर संपर्क किया था और उसने मुझे स्क्रैप किया था कि वो हिन्दी का फॉन्ट बनाना चाह रहा है और मेरी तरफ से यह मदद चाहता है कि मैं उसे हिन्दी का कोई ऐसा वाक्य बनाकर दूँ, जिसमें हिन्दी (देवनागरी) के सभी अक्षर आ जायें (संयुक्ताक्षर भी)। उसने उदाहरण के रूप में यह भी भेजा था  कि उसने इस तरह का एक वाक्य बानाया है, यदि वो ठीक हो तो मैं जाँच दूँ कि सारे अक्षर हैं कि नहीं। मुझे याद है कि उसके वाक्य में सारे अक्षर नहीं थे लेकिन 99% थे (वाक्य व्याकरण की दृष्टि से अजीब था)। मेरे पास ढेरों स्क्रैप हैं, मैं ढूँढ़ नहीं पा रहा हूँ कि वो वाक्य कहाँ है, लेकिन यह बताना चाहता हूँ कि कुछ लोगों ने इस दिशा में काम किया हुआ है। मैंने अपने कुछ ऐसे मित्रों को जोकि हिन्दी भाषा पर अच्छी पकड़ रखते हैं, भी यह काम सौंपा था लेकिन लोग गंभीरता से नहीं लिये।

यदि डॉ॰ नारायण प्रसाद, हरिराम जी इस पर चुप्पी तोड़े तो रिजल्ट निकल आयेगा।

पंकज जी 'ड़' और 'ङ' दोनों में बहुत अंतर है। यद्यपि दोनों ही व्यंजन है।

लेकिन 'ङ' 'ञ' 'ण' 'न' 'म' को अनुनासिक व्यंजन कहा जाता है। अनुनासिक इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका उच्चारण नासिका (नाक) से होता है। हिन्दी व्याकरण का यह नियम है-

यदि किसी शब्द का दूसरा वर्ण अपने वर्ग का प्रथम वर्ण है और शब्द के पहले वर्ण पर अनुस्वार (बिंदी 'ं') है तो अनुस्वार दूसरे वर्ण के अनुसार उसके वर्ण का पाँचवा व्यंजन होता है। जैसे-

पंकज- पङ्कज (दूसरा वर्ण- क, अनुस्वार- ङ्)
कंचन- कञ्चन (दूसरा वर्ण- च, अनुस्वार- ञ्)
चंचल- चञ्चल (दूसरा वर्ण- च, अनुस्वार- ञ्)
कंटक- कण्टक (दूसरा वर्ण- ट, अनुस्वार- ण्)
दंत- दन्त (दूसरा वर्ण- द, अनुस्वार- न्)
कंपन- कम्पन (दूसरा वर्ण-प, अनुस्वार-म्)

यह भी संभव है यह नियम दूसरा वर्ण के अपने वर्ग के ४ में से कोई भी व्यंजन होने पर लागू हो, लेकिन मैं उसके लिए कंफ़र्म नहीं हूँ। जानकार दोस्तों से पूछकर बताऊँगा।

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 6:31:27 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
धन्यवाद शैलेष भाई

Rajesh Roshan

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Mar 18, 2008, 6:33:26 AM3/18/08
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Waah Waah, Thanks for this inforamtion :)

जीतू | Jitu

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Mar 18, 2008, 6:35:25 AM3/18/08
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यार वाह! वाह! के लिए अलग थ्रेड खोलो
मुद्दे से मत भटको, आखिरी मे था:


दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

है कोई इसको छोटा करने वाला?
-जीतू

Pankaj Bengani

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Mar 18, 2008, 6:35:43 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

ख,ग,घ, च छ  झ ठ ड ढ प फ ज्ञ

घोर पापी और ज्ञानी दुष्ट राक्षस रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

जीतू | Jitu

unread,
Mar 18, 2008, 6:39:15 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
भाया
भगवान  :


चलो आगे:
घोर पापी और ज्ञानी दुष्ट राक्षस रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

अब बचे अक्षर
ख,च छ  झ ठ ड ढ प फ 

Abhishek

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Mar 18, 2008, 6:40:49 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
>> यह भी संभव है यह नियम दूसरा वर्ण के अपने वर्ग के ४ में से कोई भी व्यंजन होने पर लागू हो,

ye sahi hai... charon me se kisi pe bhi ye niyam lagoo hota hai... mai pahle apni mail me yahi kahna chahta tha lekin itne detail me likhne ka dhairya nahi tha... bahut bahut dhanyawaad.

baaki Jeetu bhai aur anya logon ka prayas achchha lag raha hai...

Sadhuvaad...


On Tue, Mar 18, 2008 at 3:59 PM, shailesh bharatwasi <bharat...@gmail.com> wrote:



--
Thanks & Regards
Abhishek

sanjay | जोग लिखी

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Mar 18, 2008, 6:42:49 AM3/18/08
to Chithakar
मेरा ध्यान अभी गया मैं अलग से यह बना रहा था :

क्षत्रिय ज्ञानी को पके आम इतने ईख जैसे मधुर लगते हैं की उष्ण या ठण्डे
भी छील व चाट

यह काफी छोटा है, दोहराव कम है. इसमें बाकि बचे अक्षर हैं : घ ड़ झ ढ़ थ द
फ श ऊ ए ऐ ओ औ अं अः दोहराव से बचने की कोशिश में अटक गया है. एक शब्द
घड़ी बन रहा है.

Pankaj Bengani

unread,
Mar 18, 2008, 6:48:18 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
चाची ने ठंडी छाछ फाडी, झज्जे पर खाना ढका और कहा,  घोर पापी और ज्ञानी दुष्ट राक्षस रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

हा हा हा हा हा

sanjay kareer

unread,
Mar 18, 2008, 8:22:08 AM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
On Tue, Mar 18, 2008 at 3:59 PM, shailesh bharatwasi <bharat...@gmail.com> wrote:

यदि किसी शब्द का दूसरा वर्ण अपने वर्ग का प्रथम वर्ण है और शब्द के पहले वर्ण पर अनुस्वार (बिंदी 'ं') है तो अनुस्वार दूसरे वर्ण के अनुसार उसके वर्ण का पाँचवा व्यंजन होता है। जैसे-

इसका एक नियम शायद यह है कि
 
किसी वर्ण वर्ग का अंतिम वर्ण जब उसी वर्ण वर्ग के कियी अन्‍य वर्ण से पहले आता है तो उसे अनुस्‍वार के रूप में दिखाया जाता है.
 
उदाहरण: संबंध
 
 
 
 



--
Sanjay Kareer
http://www.dailyhindinews.com

Tarun

unread,
Mar 18, 2008, 9:11:36 AM3/18/08
to Chithakar

are bahut sahi koshish kar rahe hain aap log. Humari bhi aahuti le
lijye

Isme ऋ chut gaya kya, hume nahi dikh reha, Isko jorne ke liye ye vakya
jor sakte hain

"ऋषियों को सताने वाले", Pura vakya kuch yun hua

"ऋषियों को सताने वाले दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले
विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

Abhi bhi kuch chuta kya, Abhi bhi ye akshar nahi dikh rahe:

ठ, झ, ख....aur bhi honge


On 18 मार्च, 06:26, "जीतू | Jitu" <jitu9...@gmail.com> wrote:
> *दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले विष्णुवतार भगवान श्रीराम,
> अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।*
>
> भई, गिनिए आप लोग, और हाँ ये भी देखिए, कोई अक्षर छूट गया हो तो बताइए,
> साथ ही इसको छोटा करने का भी खेल खेलिए।
>
>
>
> On Tue, Mar 18, 2008 at 1:24 PM, Pankaj Bengani <pbeng...@gmail.com> wrote:
> > यह अच्छा जा रहा है. कितने अक्षर आ गए?
>
> > On Tue, Mar 18, 2008 at 3:51 PM, जीतू | Jitu <jitu9...@gmail.com> wrote:
>
> > > कुछ बदलाव के साथ
>
> > > *राक्षसराज के दुष्ट राजा का सर्वनाश करने वाले विष्णु के अवतार भगवान
> > > श्रीराम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ के बड़े पुत्र के रुप मे हुआ।
> > > *
>
> > > On Tue, Mar 18, 2008 at 1:14 PM, Rajesh Roshan <rajros...@gmail.com>
> > > wrote:
>
> > > > शायद यह तरीका कारगर हो. मैंने कुछ शब्द लिखे हैं जो रामायण से लिए गए
> > > > हैं इसमे सारे हिन्दी के अक्षर हैं जिसे मिला कर पंक्ति बनाईं जा सकती है. आप
> > > > भी इसे आजमाये
>
> > > > *ऋषि, साधु, राक्षस, क्षत्रिय, ज्ञानी, श्रीलंका, श्रवण, खरदुशन, आकार,
> > > > प्रकार, राम, कथा, धनुष, फल, भारत,  पाप, पुण्य, अच्छाई, बुराई, जनक, निर्झर,
> > > > शाप, गङगा, घृणा, कौशल्या, कैकई इतराना, लज्जा तुलसीदास रचित, केवट, कठोर, हार,
> > > > डंका, ढोल*
>
> > > > मैं अभी इसे पूरा कर रहा था जो अभी तक यही बन सका है
>
> > > > *श्री विष्णु का जन्म अयोध्या के महाप्रतापी राजा दशरथ के सबसे बड़े
> > > > पुत्र श्री राम के रूप में राक्षस राज चलने वाले लंका के दुष्ट राजा रावण का
> > > > सर्वनाश करने के लिए हुआ था,*
>
> > > > On 18/03/2008, Pankaj Bengani <pbeng...@gmail.com> wrote:
>
> > > > > अच्छा पोइंट है. मुझे लगता है अ.आ..इ..ई. भी आए तो और भी अच्छा...
>
> > > > > On Tue, Mar 18, 2008 at 3:14 PM, Rajesh Roshan <rajros...@gmail.com>
> > > > > wrote:
>
> > > > > > क्या अगर काम शब्द लिखा जाए तो इसमे आ की मात्र को मान लिया जाएगा या
> > > > > > इसके लिए मुझे आम या आपका या आ से जुड़े शब्द लिखने ही पड़ेंगे?
>
> > > > > > On 18/03/2008, Abhishek <itsabhishe...@gmail.com> wrote:
>
> > > > > > > aap sahi kah rahe hain... कपड़ा wala ड़, ड. se alag hai..
> > > > > > > Ganga ke sahi uchcharan me ड. ka prayog hota hai...
>
> > > > > > > In fact niyam to ye hai ki क ख ग घ, in chaaron ke saath yadi
> > > > > > > an/am ka prayog karna ho to ड. aana chahiye lekin aajkal log chandrabindu se
> > > > > > > kaam chala lete hain..
>
> > > > > > > dhanyawad
> > > > > > > ~Abhishek
>
> > > > > > > PS: Hindi me na likhne ke liye kshama prarthi hoon... office PC
> > > > > > > pe hindi nahi install karee hai.
>
> > > > > > > On Tue, Mar 18, 2008 at 2:26 PM, Rajesh Roshan <
> > > > > > > rajros...@gmail.com> wrote:
>
> > > > > > > > कपड़ा ke ड  में अन्तर है कपड़ा का ड ढ के बाद आता है जबकि ड. घ
> > > > > > > > के बाद. शायद मैं सही हू?
>
> > > > > > > > On 18/03/2008, sanjay | जोग लिखी <sanjaybeng...@gmail.com>
> > > > > > > > wrote:
>
> > > > > > > > > कपड़ा
>
> > > > > --
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> > > > > Pankaj Bengani
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>
> उद्धृत पाठ दिखाए

Amit Gupta

unread,
Mar 18, 2008, 5:35:18 PM3/18/08
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On 3/18/08, Tarun <apni....@gmail.com> wrote:

"ऋषियों को सताने वाले दुष्ट राक्षसों के राजा रावण का सर्वनाश करने वाले

विष्णुवतार भगवान श्रीराम, अयोध्या के महाराज दशरथ के बड़े सपुत्र थे।

भाई लोगों, गुस्ताखी माफ़ पर मेरे ख्याल से "विष्णुवतार" गलत है और "विष्णु अवतार" होना चाहिए क्योंकि "ण" पर तो पहले से "उ" की मात्रा लगी हुई है इसलिए "अवतार" उसमें समाहित नहीं हो सकता कि "अ" मात्रा बन "ण" पर लग जाए।

बाकी जैसा आप गुणी जन ठीक समझे। अपनी बुद्धि इतनी नहीं कि आपके इस कार्य में सहयोग दे सकूँ। :)

--
Visit me @ http://me.amitgupta.in/

Courage is not the towering oak that sees storms come and go;
it is the fragile blossom that opens in the snow.     --  Alice Mackenzie Swaim

अविनाश वाचस्पति

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Mar 18, 2008, 8:32:04 PM3/18/08
to Chit...@googlegroups.com
एक पंग्राम भारत के पूर्व उपराष्‍ट्रपति माननीय श्री भैरोंसिंह शेखावत जी को कंठस्‍थ है और वह उन्‍होंने शनिवार 15 मार्च 2008 को सांय 5 बजे राष्‍ट्रीय संग्रहालय सभागार, नई दिल्‍ली में साहित्‍य अमृत युवा हिंदी कविता पुरस्‍कार अर्पण समारोह में सुनाया था. उनसे संपर्क हो सके तो अवश्‍य सफलता मिलेगी. उनका संपर्क या उनसे संपर्क तलाशना होगा.  हम में से किसी का हो भी सकता है या किया जा सकता है.
अविनाश वाचस्‍पति

 
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