यूनिकोड हिन्दी फ़ॉन्ट कैसे बनते व सुधारे जाते हैं?

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Ravishankar Shrivastava

unread,
Aug 23, 2009, 1:55:51 AM8/23/09
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कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -

http://www.microsoft.com/typography/OpenType%20Dev/devanagari/intro.mspx

रवि

sanjay kareer

unread,
Aug 23, 2009, 2:58:03 AM8/23/09
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2009/8/23 Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com>


कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -

रव‍ि भाई क्‍या इंटरनेट पर हिंदी हमेशा एक फॉन्‍ट के भरोसे रहेगी... मंगल के बाद क्‍या कोई और फॉन्‍ट नहीं बनेगा? (Arial Unicode MS को छोड़ दें)
 

--
Sanjay Kareer
-----------------------------------------------------
http://www.dailyhindinews.com
http://sagar.dailyhindinews.com

Ravishankar Shrivastava

unread,
Aug 23, 2009, 4:32:39 AM8/23/09
to chit...@googlegroups.com
On 8/23/2009 12:28 PM, sanjay kareer wrote:
> 2009/8/23 Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com
> <mailto:ravir...@gmail.com>>

>
>
> कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -
>
> रव‍ि भाई क्‍या इंटरनेट पर हिंदी हमेशा एक फॉन्‍ट के भरोसे रहेगी... मंगल के बाद
> क्‍या कोई और फॉन्‍ट नहीं बनेगा? (Arial Unicode MS को छोड़ दें)
>
नहीं, अभी भी आप दर्जनों यूनिकोड फ़ॉन्ट प्रयोग कर सकते हैं. कुछ डाउनलोड कड़ियाँ यहाँ हैं -

http://www.wazu.jp/gallery/Fonts_Devanagari.html

रवि

Sagar Nahar

unread,
Aug 23, 2009, 4:44:59 AM8/23/09
to chit...@googlegroups.com
आपके बताये इस पेज से   (SantipurOT.ttf) नामक फोन्ट डाउनलोड किया, पहले से टाइप किये मैटर को अने की कोशिश की तो हुआ ही नहीं, जबकि  Raghindi (Raghu.ttf)  में बदलने पर मैटर तुरंत इस फोन्ट में बदल जाता है और मैटर सुन्दर दिखने लगता है।
क्या "सान्तिपुर" यूनिकोड नहीं है? अगर है तो इसको कैसे प्रयोग में लाया जाये?

सागर चन्द नाहर
www.nahar.wordpress.com ॥दस्तक॥
www.techchittha.blogspot.com तकनीक
www.mahaphil.blogspot.com  गीतों की महफिल


2009/8/23 Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com>

Ravishankar Shrivastava

unread,
Aug 23, 2009, 5:06:00 AM8/23/09
to chit...@googlegroups.com
On 8/23/2009 2:14 PM, Sagar Nahar wrote:
> आपके बताये इस पेज से
> <http://www.wazu.jp/gallery/views/View_SantipurOT.html>
> (SantipurOT.ttf) नामक फोन्ट डाउनलोड किया, पहले से टाइप किये मैटर को अने की
> कोशिश की तो हुआ ही नहीं, जबकि Raghindi (Raghu.ttf) में बदलने पर मैटर तुरंत
> इस फोन्ट में बदल जाता है और मैटर सुन्दर दिखने लगता है।
> क्या "सान्तिपुर" यूनिकोड नहीं है? अगर है तो इसको कैसे प्रयोग में लाया जाये?
है तो वो यूनिकोड ही, पर डाउनलोड इत्यादि में करप्ट हो गया होगा लगता है. फिर से
डाउनलोड कर कोशिश कर देखें.
रवि

sanjay kareer

unread,
Aug 23, 2009, 6:18:43 AM8/23/09
to chit...@googlegroups.com
2009/8/23 Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com>

On 8/23/2009 12:28 PM, sanjay kareer wrote:
> 2009/8/23 Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com
> <mailto:ravir...@gmail.com>>
>
>
>     कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -
>
> रव‍ि भाई क्‍या इंटरनेट पर हिंदी हमेशा एक फॉन्‍ट के भरोसे रहेगी... मंगल के बाद
> क्‍या कोई और फॉन्‍ट नहीं बनेगा? (Arial Unicode MS को छोड़ दें)
>
नहीं, अभी भी आप दर्जनों यूनिकोड फ़ॉन्ट प्रयोग कर सकते हैं. कुछ डाउनलोड कड़ियाँ यहाँ हैं -

रवि भाई धन्‍यवाद। यह बहुत काम का लिंक है।  कुछ अच्‍छी शक्‍ल वाले फ़ॉन्‍ट दिखे हैं। CDAC-GISTSurekh मुझे सबसे बेहतरीन लगा।

 

मुझे लगता है मेरा सवाल गलत था... यह मामला फ़ॉन्‍ट का नहीं बल्कि इनकी  उपलब्‍धता हर कप्‍यूटर में होने का है। आम कंप्‍यूटर में मंगल के अलावा और कोई हिंदी फॉन्‍ट नहीं होना इस समस्‍या का मूल कारण है और इसका निराकरण शायद बिल गेट्स के अलावा और कोई नहीं कर सकता। 

328.png

Kakesh Kumar

unread,
Aug 24, 2009, 8:01:15 AM8/24/09
to chit...@googlegroups.com
और लगता है कि बिल-गेट्स आपकी बात सुनता भी है।

नये ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज 7 में, जिसे में कई दिनों से प्रयोग में ला रहा हूँ, कई सारे हिन्दी युनिकोड फोंट है।

जैसे अपराजिता, कोकिला, उत्साह आदि।

यह संस्करण मुझे विंडोज के पूर्ववर्ती संस्करणों के मुकाबिल काफी अच्छा लगा।

काकेश
-- 
धन्यवाद सहित
सादर

काकेश
http://kakesh.com

sanjay kareer

unread,
Aug 24, 2009, 9:11:23 AM8/24/09
to chit...@googlegroups.com


2009/8/24 Kakesh Kumar <kakes...@gmail.com>

और लगता है कि बिल-गेट्स आपकी बात सुनता भी है।

नये ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज 7 में, जिसे में कई दिनों से प्रयोग में ला रहा हूँ, कई सारे हिन्दी युनिकोड फोंट है।

जैसे अपराजिता, कोकिला, उत्साह आदि।

यह संस्करण मुझे विंडोज के पूर्ववर्ती संस्करणों के मुकाबिल काफी अच्छा लगा।

काकेश
 
यह जानकर बहुत प्रसन्‍नता हुई काकेश जी। विंडोज 7  के बारे में तो अभी तक सुना और पढ़ा ही है।
 
 
 
328.png

आलोक (Alok)

unread,
Aug 25, 2009, 12:06:08 AM8/25/09
to Chithakar | चिट्ठाकार
> > रव‍ि भाई क्‍या इंटरनेट पर हिंदी हमेशा एक फॉन्‍ट के भरोसे रहेगी... मंगल के
>
> बाद क्‍या कोई और फॉन्‍ट नहीं बनेगा? (Arial Unicode MS को छोड़ दें)

देवनागरी की पहली यूनिकोड मुद्रलिपि (जिसमें संयुक्ताक्षर भी थे) - रघु
मुद्रलिपि है जिसे प्रोफ़ेसर आर के जोशी ने बनाया था -
http://www.designinindia.net/design-thoughts/teachers/r-k-joshi/index.html

हाल ही में पिछले साल उनका देहांत हुआ था। आप देखेंगे कि बीबीसी हिंदी का
स्थल रघु मुद्रलिपि उतारने को कहता है, क्योंकि यह उन कुछ प्रारंभिक
स्थलों में था जो यूनिकोड का इस्तेममाल करते थे।

वास्तव में मंगल का प्रयोग अधिक होने का कारण वही है जो आईई के प्रयोग का
है - यह पहले से ही विंडोज़ ऍक्सपी/ऑफ़िस में मौजूद है। लेकिन इससे बेहतर
मुद्रलिपियाँ भी हैं।

आज की तारीख में देवनागरी संयुक्ताक्षरों वाली संभवतः ७० से अधिक
मुद्रलिपियाँ होंगी। इनको उतारने की कड़ियाँ, और लिखावट के कुछ नमूने
आपको http://devanaagarii.net/fonts/ पर गुणवत्ता के स्तर के आधार पर
क्रमांकित मिलेंगे(कुछ और मुद्रलिपियाँ जोड़नी यहाँ बाकी हैं)। यह सूची
पूर्ण नहीं है, एक समय था जब इस सूची में कुल २-३ मुद्रलिपियाँ ही थीं,
अब इस सूची को ताज़ातरीन रखना और कठिन - लेकिन मज़ेदार - हो गया है। अगर
आप चाहें तो

o अन्य मुद्रलिपियों के नाम,
o इन्हें उतारने की कड़ियाँ, और
o लिखावट के नमूने

भेज सकते हैं! खासतौर पर विंडोज़ ७ के साथ आने वाली मुद्रलिपियाँ -
क्योंकि मेरे पास विंडोज़ ७ है नहीं।

मेरी मनपसंद मुद्रलिपि है संस्कृत २००३ - एकदम कलम वाली लिखावट, और बहुत
सारे संयुक्ताक्षर। (हाँ मानता हूँ सबकी पसंद एक सी नहीं होती, बस अपनी
बता रहा हूँ।)
आलोक

sanjay kareer

unread,
Aug 25, 2009, 2:42:40 AM8/25/09
to chit...@googlegroups.com
2009/8/25 आलोक (Alok) <alok....@gmail.com>

मेरी मनपसंद मुद्रलिपि है संस्कृत २००३ - एकदम कलम वाली लिखावट, और बहुत
सारे संयुक्ताक्षर। (हाँ मानता हूँ सबकी पसंद एक सी नहीं होती, बस अपनी
बता रहा हूँ।)
आलोक
 
आपने मेरी पसंद के फॉन्‍ट को दूसरे स्‍थान पर रखा है आलोक जी...  लेकिन आपकी पसंद का फॉन्‍ट भी बहुत अच्‍छा है। सूची बहुत उम्‍दा है उसे पहले भी देख चुका हूं। रवि भाई की सूची में ये सभी फॉन्‍ट हैं।
 
रवि भाई, आलोक जी मैं एक बात और जानना चाहूंगा कि क्‍या इन फॉन्‍ट का इस्‍तेमाल कर लिखी गई तहरीर को कागज पर प्रिंट भी किया जा सकता है या नही?
 
खैर कुल जमा बात इतनी सी है कि हिंदी के लिए दर्जनों यूनिकोड फॉन्‍ट उपलब्‍ध हैं बस उन्‍हें हर कंप्‍यूटर में होना चाहिए। शायद भारत सरकार को ही ऐसा कोई नियम बनाना पड़ेगा कि अब से सभी कंप्‍यूटर निर्माता कंपनियों को अपने कंप्‍यूटर्स में आवश्‍यक रूप से हिंदी के कम से कम एक दर्जन फॉन्‍ट इंस्‍टाल करके देने होंगे।
330.gif

आलोक (Alok)

unread,
Aug 25, 2009, 3:00:34 AM8/25/09
to Chithakar | चिट्ठाकार
> आपने मेरी पसंद के फॉन्‍ट को दूसरे स्‍थान पर रखा है आलोक जी... [?] लेकिन आपकी

> पसंद का फॉन्‍ट भी बहुत अच्‍छा है। सूची बहुत उम्‍दा है उसे पहले भी देख चुका

सुरेख भी मुझे बेहद पसंद है! लेकिन जैसा कि आपने कहा, संस्कृत२००३ भी
काफ़ी बढ़िया है, लगता है जैसे कंप्यूटर पर छपी हुई किताब पढ़ रहे हों!


>
> रवि भाई, आलोक जी मैं एक बात और जानना चाहूंगा कि क्‍या इन फॉन्‍ट का इस्‍तेमाल
> कर लिखी गई तहरीर को कागज पर प्रिंट भी किया जा सकता है या नही?

बिल्कुल किया जा सकता है। कागज़ पर छपाई छापने वाले यंत्र के ड्राइवर पर
निर्भर होती है। अगर आप एक ओपन टाइप मुद्रलिपि का मसला अपने यंत्र से छाप
पा रहे हैं तो बाकी से भी छाप पाएँगे। उसके लिए कुछ अलग करने की ज़रूरत
नहीं होगी।


आलोक (Alok)

unread,
Aug 25, 2009, 11:44:33 PM8/25/09
to Chithakar | चिट्ठाकार

On 25 अग, 09:06, आलोक (Alok) <alok.ku...@gmail.com> wrote:

> आज की तारीख में देवनागरी संयुक्ताक्षरों वाली संभवतः ७० से अधिक
> मुद्रलिपियाँ होंगी। इनको उतारने की कड़ियाँ, और लिखावट के कुछ नमूने

सत्तर की सङ्ख्या शायद ज़्यादा है, पर कम से कम ४० मुद्रलिपियाँ तो हैं
ही, इन्हें उतारने की कड़ियाँ और लिखावट के नमूने आप http://devanaagarii.net/fonts
पर पा सकते हैं। विंडोज़ ७ पर मौजूद मुद्रलिपियाँ इसमें फ़िलहाल शामिल
नहीं हैं। काकेश जी, आपको एक अनुरोध के साथ अलग से पत्र लिख रहा हूँ! :)

आलोक

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