http://www.microsoft.com/typography/OpenType%20Dev/devanagari/intro.mspx
रवि
कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -
http://www.wazu.jp/gallery/Fonts_Devanagari.html
रवि
> <mailto:ravir...@gmail.com>>
>नहीं, अभी भी आप दर्जनों यूनिकोड फ़ॉन्ट प्रयोग कर सकते हैं. कुछ डाउनलोड कड़ियाँ यहाँ हैं -
>
> कुछ दिलचस्प जानकारियाँ यहाँ मिलेंगीं -
>
> रवि भाई क्या इंटरनेट पर हिंदी हमेशा एक फॉन्ट के भरोसे रहेगी... मंगल के बाद
> क्या कोई और फॉन्ट नहीं बनेगा? (Arial Unicode MS को छोड़ दें)
>
रवि भाई धन्यवाद। यह बहुत काम का लिंक है। कुछ अच्छी शक्ल वाले फ़ॉन्ट दिखे हैं। CDAC-GISTSurekh मुझे सबसे बेहतरीन लगा।
मुझे लगता है मेरा सवाल गलत था... यह मामला फ़ॉन्ट का नहीं बल्कि इनकी उपलब्धता हर कप्यूटर में होने का है। आम कंप्यूटर में मंगल के अलावा और कोई हिंदी फॉन्ट नहीं होना इस समस्या का मूल कारण है और इसका निराकरण शायद बिल गेट्स के अलावा और कोई नहीं कर सकता। ![]()
-- धन्यवाद सहित सादर काकेश http://kakesh.com
और लगता है कि बिल-गेट्स आपकी बात सुनता भी है।
नये ऑपरेटिंग सिस्टम विंडोज 7 में, जिसे में कई दिनों से प्रयोग में ला रहा हूँ, कई सारे हिन्दी युनिकोड फोंट है।
जैसे अपराजिता, कोकिला, उत्साह आदि।
यह संस्करण मुझे विंडोज के पूर्ववर्ती संस्करणों के मुकाबिल काफी अच्छा लगा।
काकेश
देवनागरी की पहली यूनिकोड मुद्रलिपि (जिसमें संयुक्ताक्षर भी थे) - रघु
मुद्रलिपि है जिसे प्रोफ़ेसर आर के जोशी ने बनाया था -
http://www.designinindia.net/design-thoughts/teachers/r-k-joshi/index.html
हाल ही में पिछले साल उनका देहांत हुआ था। आप देखेंगे कि बीबीसी हिंदी का
स्थल रघु मुद्रलिपि उतारने को कहता है, क्योंकि यह उन कुछ प्रारंभिक
स्थलों में था जो यूनिकोड का इस्तेममाल करते थे।
वास्तव में मंगल का प्रयोग अधिक होने का कारण वही है जो आईई के प्रयोग का
है - यह पहले से ही विंडोज़ ऍक्सपी/ऑफ़िस में मौजूद है। लेकिन इससे बेहतर
मुद्रलिपियाँ भी हैं।
आज की तारीख में देवनागरी संयुक्ताक्षरों वाली संभवतः ७० से अधिक
मुद्रलिपियाँ होंगी। इनको उतारने की कड़ियाँ, और लिखावट के कुछ नमूने
आपको http://devanaagarii.net/fonts/ पर गुणवत्ता के स्तर के आधार पर
क्रमांकित मिलेंगे(कुछ और मुद्रलिपियाँ जोड़नी यहाँ बाकी हैं)। यह सूची
पूर्ण नहीं है, एक समय था जब इस सूची में कुल २-३ मुद्रलिपियाँ ही थीं,
अब इस सूची को ताज़ातरीन रखना और कठिन - लेकिन मज़ेदार - हो गया है। अगर
आप चाहें तो
o अन्य मुद्रलिपियों के नाम,
o इन्हें उतारने की कड़ियाँ, और
o लिखावट के नमूने
भेज सकते हैं! खासतौर पर विंडोज़ ७ के साथ आने वाली मुद्रलिपियाँ -
क्योंकि मेरे पास विंडोज़ ७ है नहीं।
मेरी मनपसंद मुद्रलिपि है संस्कृत २००३ - एकदम कलम वाली लिखावट, और बहुत
सारे संयुक्ताक्षर। (हाँ मानता हूँ सबकी पसंद एक सी नहीं होती, बस अपनी
बता रहा हूँ।)
आलोक
मेरी मनपसंद मुद्रलिपि है संस्कृत २००३ - एकदम कलम वाली लिखावट, और बहुत
सारे संयुक्ताक्षर। (हाँ मानता हूँ सबकी पसंद एक सी नहीं होती, बस अपनी
बता रहा हूँ।)
आलोक
सुरेख भी मुझे बेहद पसंद है! लेकिन जैसा कि आपने कहा, संस्कृत२००३ भी
काफ़ी बढ़िया है, लगता है जैसे कंप्यूटर पर छपी हुई किताब पढ़ रहे हों!
>
> रवि भाई, आलोक जी मैं एक बात और जानना चाहूंगा कि क्या इन फॉन्ट का इस्तेमाल
> कर लिखी गई तहरीर को कागज पर प्रिंट भी किया जा सकता है या नही?
बिल्कुल किया जा सकता है। कागज़ पर छपाई छापने वाले यंत्र के ड्राइवर पर
निर्भर होती है। अगर आप एक ओपन टाइप मुद्रलिपि का मसला अपने यंत्र से छाप
पा रहे हैं तो बाकी से भी छाप पाएँगे। उसके लिए कुछ अलग करने की ज़रूरत
नहीं होगी।
On 25 अग, 09:06, आलोक (Alok) <alok.ku...@gmail.com> wrote:
> आज की तारीख में देवनागरी संयुक्ताक्षरों वाली संभवतः ७० से अधिक
> मुद्रलिपियाँ होंगी। इनको उतारने की कड़ियाँ, और लिखावट के कुछ नमूने
सत्तर की सङ्ख्या शायद ज़्यादा है, पर कम से कम ४० मुद्रलिपियाँ तो हैं
ही, इन्हें उतारने की कड़ियाँ और लिखावट के नमूने आप http://devanaagarii.net/fonts
पर पा सकते हैं। विंडोज़ ७ पर मौजूद मुद्रलिपियाँ इसमें फ़िलहाल शामिल
नहीं हैं। काकेश जी, आपको एक अनुरोध के साथ अलग से पत्र लिख रहा हूँ! :)
आलोक