Uninagari alternative URL

10 views
Skip to first unread message

रमण

unread,
May 12, 2006, 8:45:03 AM5/12/06
to Chithakar
My website's server appears to be under maintenance. I am talking to
the hosts to get it resolved.

If anyone wants to use Uninagari in the meantime, please use the
following temporary URL

https://jshare.johnshopkins.edu/rkoul1/public_html/uninagari.html

You can also save the page locally to use it offline.

- Raman Kaul

सृजन शिल्पी

unread,
May 12, 2006, 1:28:39 PM5/12/06
to Chithakar
धन्यवाद रमण जी। यूँ तो घर
के सिस्टम पर मैं IME से ही काम
करता हूँ। लेकिन कभी-कभी
बाहर के किसी सिस्टम पर
हिन्दी में कोई आवश्यक
कार्य करने की आवश्यकता आ
पड़ने पर आपके टूल का
इस्तेमाल कर लेता हूँ। आज
ऐसी ही आवश्यकता पड़ने पर जब
उस टूल का इस्तेमाल करना
चाहा तो उस दिक्क़त का सामना
हुआ जिसका जिक़्र आपने यहाँ
किया है। उस टूल के
यूनिस्क्रिप्ट वाले
कीबोर्ड में संयुक्ताक्षर
लिखने में दिक्कत होती है।
जैसे कि त्र लिखने के लिए त् +
र का इस्तेमाल करना पड़ता
है। लेकिन कुछ
संयुक्ताक्षर के लिए जैसे
कि क्ष के लिए तो नीचे से कट
पेस्ट करने के अलावा कोई
अन्य उपाय नहीं होता। फिर भी
मुसीबत के वक्त जब आपका टूल
काम आता है तो आपके प्रति
मेरा मन कृतज्ञता से भर जाता
है।

सृजन शिल्पी

रमण

unread,
May 12, 2006, 9:16:21 PM5/12/06
to Chithakar
सृजन शिल्पी जी,
क्ष के लिए क् + ष का प्रयोग
करें, और ज्ञ के लिए ज् + ञ
जैसे कि इन संयुक्ताक्षरों
की संरचना है। दरअसल
यूनिकोड में इन
संयुक्ताक्षरों के लिए कोई
अलग क्रमांक नहीं बने, और
यूनिनागरी में विभिन्न
अक्षरों को जोड़ कर एक key से
लिखना संभव बनाना मेरी
सीमित तकनीकी क्षमता से परे
है। फिर, मैं स्वयं भी यही
चाहता हूँ कि यह बिना ताम
झाम का टूल standby के रूप में ही
प्रयोग हो, और अधिकांश लोग IME
का ही प्रयोग करें। लोगों को
बिना मेहनत के हिन्दी लिखना
शुरू कराने के लिए इस टूल को
प्रयोग किया जा सकता है।
- रमण

Ravishankar Shrivastava

unread,
May 13, 2006, 1:09:08 AM5/13/06
to Chit...@googlegroups.com

रमण जी,

ऐसे ही धन्यवाद और कृतज्ञता आपको शुषा और कृतिदेव (रेमिंगटन) वाले भी देंगे. अतः शीघ्रता
कीजिए :)

रवि

ई-स्वामी

unread,
May 13, 2006, 2:22:20 PM5/13/06
to Chit...@googlegroups.com
"दरअसल
यूनिकोड में इन
संयुक्ताक्षरों के लिए कोई
अलग क्रमांक नहीं बने"
 
बने हैं!  मैने एक साईट पर देखी है लिस्ट हर संभव संयुक्ताक्षर की. खोजना पडेंगे!

 
2006/5/12, रमण <raman...@gmail.com>:

रमण

unread,
May 14, 2006, 12:24:50 AM5/14/06
to Chithakar
The master list from Unicode is here:
http://www.unicode.org/charts/PDF/U0900.pdf

ई-स्वामी

unread,
May 14, 2006, 5:50:42 AM5/14/06
to Chit...@googlegroups.com
 
This list (http://www.unicode.org/charts/PDF/U0900.pdf) only represents the single 8 bit code. The compound codes can go upto 4 x 8 bit.
 
You can only go upto 4 single 8 bit represnted compound character and then halant has to be inserted!
 
For example carefully look at ज्ञ in the following - 
क्श्ज्ञ्य क्ष्स्ज्ञ्य (हलन्त नोट करें)
क्श्ज्ञ्य में हलन्त क्यों नही लगा?
क्ष्श्ज्ञ्य में हलन्त  क्यों लगा?
जबकी ज्ञ्य में हलन्त क्यों नही लगा??
 
ज्ञ्य = (ज + ञ) + हलन्त + य = ज्ञ + हलन्त + य = ज्ञ्य = ३ बाईट
क्ष्ज्ञ्य [४ बाईट = (क + ष)  + हलन्त + (ज + ञ) + हलन्त + य; हलन्त रिप्लेस हो जाते है आधे अक्षर से टोटल ४ ]
क्प्ज्ञ्य (४ बाईट = क + प + ज्ञ + य - सेम स्टोरी ) 
क्श्ज्ञ्य (४ बाईट टोटल देखिये क होने पर हलन्त नही लगता)
क्ष्स्ज्ञ्य (६ बाईट टोटल ४ बाईट  क + ष + स + ज्ञ [String full]   +  १ बाईट का हलन्त + य; अत:  चार बाईट के बाद  हलन्त ज्ञ के आगे लग गया)  
 
ठीक वैसे ही
प्स्ज्ञ्य -  ४
प्र्स्ज्ञ्य - ६
प्स्ज्ञ्यि - संभव है
प्र्स्ज्ञ्यि - अलग है और प्र्स्ज्ञिय अलग है प+र+ज+ञ+य पे इ की मात्रा संभव ही नही है!
 
सो बिहाईन्ड द सीन ४ बाईट जुड कर एक कोड बनता है जिसका अपना रिप्रेजेंटेशन है. ऐसे हर ४ बाईट वाले कोड का रिप्रेजेंटेशन है! यह utf-8 का नीयम है ऐसे हर रिप्रेसेन्टेशन को रिवर्स इन्जीनियर किया जा सकता है.
 
for more info on this read the following links -
 
वैसे तो मैने पूरी लिस्ट देखी थी साईट नही मिल रही है!!
 
ई-स्वामी
 
2006/5/13, रमण <raman...@gmail.com>:

The master list from Unicode is here:
http://www.unicode.org/charts/PDF/U0900.pdf


Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages