राजनीति में ऐसे नेताओं की भी कमी नहीं है, जो यह मानकर चलते हैं कि किसी
विशेष इलाक़े से चुनाव लड़कर वे उस क्षेत्र की जनता पर एहसान करते हैं,
क्योंकि किसी लोकप्रिय नेता के चुनाव लड़ने से पिछड़ा इलाक़ा भी
सु़र्खियों में आ जाता है, लेकिन सु़र्खियों में आने भर से क्या होता है?
ऐसी ही कहानी अमेठी, रायबरेली एवं सुल्तानपुर की भी है. गांधी परिवार के
इन संसदीय क्षेत्रों की हालत भी चिराग़ तले अंधेरा जैसी है. राहुल गांधी
उत्तर प्रदेश में घूम-घूमकर यह प्रचार कर रहे हैं कि राज्य के विकास के
लिए केंद्र से जो पैसा भेजा जाता है, उसे बसपा का जादुई हाथी खा जाता है,
लेकिन खुद अमेठी, जहां से राहुल गांधी चुनकर आते हैं या फिर रायबरेली,
जहां से उनकी मां एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सांसद हैं, वहां की
हालत क्या है? अमेठी से सटे सुल्तानपुर की हालत क्या है? पेश है इन तीनों
संसदीय क्षेत्रों की बदहाली को बयां करती चौथी दुनिया की यह खास रिपोर्ट
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