पाकिस्तान में ऐसे कई इलाक़े हैं जहां की जनता ग़रीबी से त्रस्त है. कहने को लोकतंत्र है, राजनीतिक पार्टियां हैं, लेकिन अपने नसीब पर रोने वाले इन ग़रीबों को महज़ वादों के अलावा कुछ नहीं मिला. इसलिए पाकिस्तान जिहादियों के फलने-फूलने का सबसे उपजाऊ इलाक़ा साबित हो चुका है. पाकिस्तान के अख़बारों और टेलीविजन चैनलों पर इस तरह की रिपोर्ट आए दिन देखने को मिलती है. ग़रीबी से जूझ रहे इन लोगों के पास खाने का एक दाना नहीं है, लेकिन जुम्मे रोज़ मस्जिद की मीनार से गूंजती हैं कश्मीर में तुम्हारे भाई को पिछले कई दशकों से मुस्लिम बाहुल्य पाकिस्तान में आने के हक़को नकारा जा रहा है. उन्हें आज़ाद कराना है. उनकी आज़ादी के लिए दुआ करो. बोस्निया में तुम्हारे भाइयों का रोज़ सरेआम क़त्ल हो रहा है. उन्हें आज़ाद कराना है. उनकी आज़ादी के लिए दुआ करो…