रूह ए जमाल

1 view
Skip to first unread message

Narinder Kumar

unread,
Oct 30, 2025, 7:30:15 PM10/30/25
to dhan nirankar
धन निरंकार जी 

रूह ए जमाल है तू

बा कमाल है तू 


क्या दूं मिसाल तेरी 

 बे मिसाल है तू 


तेरी निस्बत है लाजिम 

मेरा अमाल है तू


तेरे दम पर लिखता हूँ 

मेरा ख़याल है तू


तुम्हें जानू तुम्हें मानूँ 

मेरा हाल है तू। 

Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages