कभी तो अपने पास बैठ…

0 views
Skip to first unread message

Narinder Kumar

unread,
Sep 18, 2025, 7:18:47 PM9/18/25
to dhan nirankar
धन निरंकार जी 🙏

कभी तो अपने ,,पास बैठ
याद ए ख़ुदा में ,,उदास बैठ

यह क्या दौलत-२,शौहरत-२ हर वक़्त
कभी तो ज़िंदगी ,,कर रास बैठ।

मिलेगा सकूँ फिर गुफ़्तगू का भी
ज़रा सा कर,,एहसास बैठ।

तेरे अंदर है कहीं दूर नहीं
जरा दिलमें कर ,,तलाश आ बैठ।

“मस्त” समंदर पास आएगा चल
ज़रा पैदा कर ,,प्यास बैठ।

☀️Sit close to yourself sometimes
Remembering God, sit seriously

What is this wealth, fame all the time
Sometimes realize life.

Conversation of God will give you peace
Just feel the moment,,sit down.

God is inside you, not far away
Just search for it in your heart, come and sit down.

“Mast" the ocean will come closer, come on.
Just create a thirst,,sit down

धन निरंकार जी

☀️दिलसे नफरत निकाल दिजीए
मनसे गिराने की हसरत निकाल दिजीए

मिलेगा चैन ओ करार सकून ओ आनंद
इबादत में से सियासत निकाल दिजीए

होगीं इनायतें बेशुमार बरकत ए इश्क़ में
ज़हन से साज़िशों की कसरत निकाल दिजीए

निंदा बुराई करके नहीं होता हासिल मक़ाम
बुरी है जीवन से यह आदत निकाल दिजीए

“मस्त” प्यार मुहब्बत है असल में बन्दगी
चलन से बिल्कुल कदूरत निकाल दिजीए.
image.png
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages