कितना असीम है तू

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Narinder Kumar

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Mar 12, 2026, 7:24:03 PMMar 12
to dhan nirankar
धन निरंकार जी 🙏

होते नहीं वयान अब हमसे तेरे फसाने।
कितना असीम है तू ,यह राज़ तू ही जाने।

तेरी है बात कया, तू रहीम ओ करीम है
देता है सबको,कोई जाने न तुझे जाने

महखाने में भी रहता,मस्जिद में भी अयॉं है
काफ़िर ओ मोमन के ,है राज सभी जाने।

कोई शुक्र नहीं करता कोई ज़िक्र नहीं करता
तेरे इश्क़ में कितने हो जाते हैं ,दीवाने।

मुद्दत हो गई है तुझे लिख रहा हूँ या रब
“मस्त” नज़्म ग़ज़ल आशार हमदम तेरे तराने।
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