FYIॐ,कृपया नीचे दिए मेल को प्रारंभ से देखें. मैं फिर से इस बात को उठाने के लिए क्षमा चाहूंगी, पर सिर्फ इतना बताना चाहती हूँ कि मैंने यह बात फिर से क्यों उठाई. इस बार इसलिए ताकि इस विषय पर पूर्ण विराम लग जाए.यहाँ ही नहीं बल्कि फेस बुक व अन्य साइट्स पर भी ऐसी कई बातें हैं. कई बार हम कुछ लोगों से इतने दिल से जुड़े होते हैं कि आँखों से देखने पर भी मन सच को स्वीकार नहीं करना चाहता.इस विषय पर नीचे दिए तर्क को पूर्णतः अस्वीकृत करना मेरे लिए भी थोडा कठिन है. मुझे ऐसा लगता है कि यदि पोस्ट मार्टम कि स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई जा सके तो अत्यंत उत्तम होगा. इस से आगे इस तरह के किसी भी वाद-विवाद पर विराम लगेगा (ऐसा मेरा सोचना है) . बाकी आप सभी लोगों का जो निर्णय हो, स्वीकार्य है.
-जय भारत
From: kmoksha rishi [mailto:kmo...@gmail.com]
Sent: Tuesday, December 07, 2010 5:13 PM
To: Vinita, Singh
Cc: prakri...@gmail.com; Ravinder Kumar; kumarsu...@gmail.com; hindust...@gmail.com; rks...@gmail.com; aajfa...@gmail.com; sumit...@gmail.com
Subject: Re: Rajiv Dixit ji ka postmortem nahi hua
Dear Friends,
Om
I was given some evidence regarding the things which were written.(Please see links in the mail).
The letter does not mention anything about the post mortem report and the colour of his face after death.
Everyone has to decide for himself/herself what they have to do and be careful after seeing those links(in the first mail)
I would like to end the matter here.
Jai Bharat.2010/12/7 Vinita, Singh <singh....@eds.com>
Om,
I asked this question to the Patron of Chattisgarh Shri Anil Mittal ji, please see his reply below. Hope this clarifies.
Ravindra Ji you are right that we should move ahead but with precaution, so that if in case this is planned (Lets assume for sometime), it should not happen with anyone else.
Regards,
Vinita
From: Anil Mittal [mailto:hawa...@gmail.com]
Sent: Monday, December 06, 2010 7:22 PM
To: Vinita, Singh
Subject: Re: Om
ओम,
भाई राजीव दीक्षित जी की मृत्यु असामयिक ह्रदय घात की वजह से हुई, छत्तीसगढ़ के पुरे बड़े पदाधिकारी महिला राज्य प्रभारी से लेकर राज्य प्रभारी मुख्या केन्द्रीय प्रभारी पल पल इनके साथ थे| तीन तीन बड़े अस्पतालों मे उनका इलाज हुआ बड़े बड़े डोक्टारो की टीम यहाँ तक की भारत वर्ष के सबसे बड़े हार्ट विशेषज्ञ प्रवीण चंद्रा दिल्ली से भिलाई के सभी डोक्टारो के संपर्क मे थे परम पूजनीय स्वामी जी ने स्वयं दीक्षित जी से बाते कर कर उन्हें निर्देश दिए थे तथा सभी डोक्टारो से स्वामी जी का निरंतर संवाद मोबाईल मे हो रहा था| उनका जीवन इश्वर ने इतने ही दिनों के लिए निर्मित किया था, उनकी मृत्यु के पश्चात उनके पार्थिव शारीर को भिलाई से रायपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया जहा पर पूरी डॉक्टर की टीम ने शव का परिक्षण करके मृत्यु के कारणों का प्रमाणीकरण किया| छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के मुख्या मुख्य मंत्री डॉ रमन सिंग तथा पूरा सरकारी अमला मेडिकल कॉलेज मे था| सभी प्रमाणीकृत कागजो के बनाने के बाद मे ही उनका पार्थिव शरीर विमान के द्वारा हरिद्वार ले जाया गया| यह एक स्वाभाविक असामायिक मृत्यु थी इसका पूरा विवरण आप अगर चाहे तो छत्तीसगढ़ के राज्य प्रभारी आचार्य दयासागर जी मो न 9630000142 से ले सकते है | इस सम्बन्ध प्रदीप दीक्षित वर्धा से भी बात कर सकते है|
जय भारत वन्देमातरम|
अनिल मित्तल
From: Ravinder Kumar [mailto:ravinde...@gmail.com]
Sent: Tuesday, December 07, 2010 1:36 PM
To: kmoksha rishi
Cc: Vinita, Singh; prakri...@gmail.com; kumarsu...@gmail.com; hindust...@gmail.com; rks...@gmail.com; aajfa...@gmail.com; sumit...@gmail.com; dinesh rathore
Subject: Re: Rajiv Dixit ji ka postmortem nahi hua
om kmoksha ji
ये बात तो आप ही ने बताई है के कई पद्धिकारी उनके कट्टर दुश्मन थे . क्या आप इस बात का कोई प्रमाण देंगे या सिर्फ सुनी सुने बात है . आप को पता है के अगर उनका पोस्त्मर्तोम नहीं भे हुआ तो इस तरह के बात से कार्यकर्ताओ का मनोबल गिर जायगा . और नुक्सान इस अभियान और देश के गरीब लोगो को झेलना पड़गा . हो सकता है के पोस्त्मर्तेम नहीं हुआ , माना के ये गलत हुआ . मगर इस बात को लम्बा खीचने से अभियान को बहुत नुक्सान हो सकता है . इस लिए कम से कम मैं तो इस बात को देश हित मैं अभी और नहीं उठाना चाहूँगा . अभी आगे के सोचने चाहिये
ravinder KumarOn Tue, Dec 7, 2010 at 11:03 AM, kmoksha rishi <kmo...@gmail.com> wrote:
Bandhuon,
Rajiv Dixit ji ka post mortem nahi hua hai.
Ye unke karibi logon aur jo haridwar gaye the unse pata chala hai.
Rajiv ji ke bahut padadhikari kattar dushman the, ve unki mrityu ko lekar dushprachar mein lage hue hain ki unki
mrityu hridyaghat se hui thi.
Kripya unki aur dhyan na dein.
Agar postmortem hui thi to abhi tak uski report kyon nahi batayi gayi?
Jo log haridwar gaye the, unhone bataya ki unka sharir nila-kaala tha leki editing karke unke chehre ka rang video mein kuch aur dikhaya gaya.Asli rang aap links mein dekh sakte hain.
Rajiv ji bahut swasth the. Unke paas aise khajana tha ki acche acche rogi thik ho jaate the, dil ki bimari kuch bhi
nahi hai.
Fox Glove jaise kai poisons hote hain jo dil ki dadkan band kar dete hain aur aise lagta hai ki dil ki
dadkan rukne se mrityu hui hai lekin ye poisoning lagti hai.
Kai log kah rahe hain vishesh kar jo unke bakth the.
Kripya ye links dekhen aur svayam nirnay karein.
http://www.bharat-swabhiman.com/forum/viewtopic.php?f=14&p=6731#p6731
http://www.youtube.com/watch?v=ps1-I02zQMg&feature=player_embedded
http://protectthefreedom.blogspot.com/2010/12/reasons-of-death-of-rajiv-dixit.html
http://protectthefreedom.blogspot.com/2010/12/blueish-black-face-of-rajiv-dixit-after.html
Jai Bharat.
--जय भारत वन्देमातरम!
Ravinder Kumar
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http://www.rajivdixit.com - Rajiv Dixit audio and videos lectures.
http://www.bharatswabhimanyatra.com - swami Ramdev's Yatra Videos
http://www.bharatswabhimantrust.org - Bharat Swabhiman Official website
रही बात राजीव जी के कार्यों को आगे बढाने की तो ऐसा किसी ने नहीं कहा कि जब तक हम उनकी मृत्यु के वास्तविक कारण से सहमत नहीं हो जाते, तब तक हम काम ही नहीं करेंगे. काम करना 1 बात है और यकीं करना या ना करना अलग बात है. दोनों को जोड़ने का कोई तुक नहीं है
लोग उनसे प्यार करते हैं इसीलिए ऐसी किसी भी संभावना को झुठला देना चाहते हैं कि उनके साथ कोई षड़यंत्र तो नहीं हुआ. वो हर एक उस इंसान के करीब हैं जो उनसे या देश से प्यार करता है किसी 1 के नहीं.
हमारी सोच सही और बाकी सब की गलत यह कहना कहाँ तक उचित है? फिर तो सुभाष चन्द्र बोस या शास्त्री जी की मृत्यु के कारणों से जो लोग सहमत नहीं हैं, उन्हें भी चुप बैठा देना चाहिए क्योंकि बाकी लोग तो पूर्णतः सहमत हैं. हम सभी ये मानते हैं कि जीवन व मृत्यु उपर वाले कि देन है फिर तो किसी के भी मृत्यु पर कोई आवाज़ नहीं उठानी चाहिय्र क्योंकि सब उसकी मर्ज़ी से हो रहा है.
यदि कोई सहमत नहीं है और सबूत मांगता है तो उसमे इतना बुरा मानने की कौन सी बात है? यदि आपको सबूत ना देना तो मत दीजिये पर इस तरह की बात करके उनका मनोबल मत तोडिये जैसे की उन्हें कुछ पूछने का हक ही ना हो इस संस्था में. और ना ही उस प्यार पर शक करिए जो उनके दिलों में राजीव जी के लिए था, है और रहेगा.
मैं भाई अनिल मित्तल जी से सहमत हूँ या नहीं ये मेरी अपनी सोच है लेकिन मैं उन लोगों का भी सम्मान करती हूँ जो आँख बंद कर किसी बात पर यकीं नहीं करते और आवाज़ उठाते हैं सच जानने के लिए. इसका अर्थ है कि वो सच्चे अर्थों में राजीव जी के अनुयायी हैं.
और मैं इस बात से भी सहमत नहीं हूँ कि हम छुपायें कि उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई थी. सच वो छुपाते हैं जो डरते हैं.
-जय भारत
Re: हे ईशवर जिसमे तेरी रजा है, उसमे हम राजी है|
by hawa...@gmail.com » Sat Dec 11, 2010 8:03 pm
आदरणीय भाइयो और बहनों,
सप्रेम ओम! पूर्व में मैंने गलती एवं नासमझी से भाई राजीव दीक्षित के पार्थिव शरीर का पोस्ट माटम हुआ है, लिख दिया था जिसके लिए मै क्षमा प्रार्थी हूँ| वास्तव में मेडिकल कॉलेज में शव की इमेनिग प्रक्रिया हुई थी जिसको मैंने पोस्ट माटम समझा था, मेरे इस लेख से किसी भाई को अगर तकलीफ हुई हो तो मुझे क्षमा करे| वास्तव में हम जो भी लिखते है वह पूर्ण एवं अधिकृत जानकारी नहीं होती है ना ही हमें अधिकार होता है ऐसी कोई जानकारी देने का| आपस की चर्चा एवं प्रत्यक्ष दर्शी होने के कारण मैंने यह लिखा था| जिसकी सही जानकारी मिलने पर मै स्पष्टिकरण कर रहा हूँ|
जय भारत वन्देमातरम!
| ॐ जी, मेरा आप सभी से विनर्म निवेदन है की आप सभी बातो को छोड़कर अमर शहीद भाई राजीव जी के सपनो को पूरा करने में ज्यादा से ज्यादा काम करें जिससे हम उनकी आत्मा को सच्ची श्रदांजली अर्पित करें इसी कार्य को करने में परम पूज्य स्वामी राजदेव जी महाराज रात दिन लगे हुए हैं. |
वन्दे मातरम अनिल |
| गाजियाबाद ०९३१३५२०२४४ --- On Fri, 12/10/10, rajiv singh <raji...@gmail.com> wrote: |
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