*******.लोभी गुरु लालची चेला ....दोनों नरक में ठेलम ठेला ***********

402 views
Skip to first unread message

vikas saini

unread,
Jun 27, 2012, 2:50:03 AM6/27/12
to


---------- अग्रेषित संदेश ----------
प्रेषक: balraj ji <shrib...@gmail.com>
दिनांक: 27 जून 2012 9:51 am
विषय: ********.लोभी गुरु लालची चेला ....दोनों नरक में ठेलम ठेला ***********
प्रति:


.********.लोभी गुरु लालची चेला ....दोनों नरक में ठेलम ठेला *********** 
मेरा उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है ...मैं इमानदारी से अपने धर्म शास्त्रों का अध्ययन करता हूँ ...आज समाज में सब और पतन दिखाई देता है ...आये दिन हिन्दू विरोधी मीडिया चैनल किसी ना किसी रंगीले हिन्दू बाबा की आड़ में पूरे हिन्दू धर्म का मजाक बनाते हैं .....मीडिया को गाली बकना तो सरल है ..लेकिन क्या आज जो कुछ धर्म के नाम पर ये लोभी और लालची अय्याश बाबा कर रहे हैं वो धर्म संगत है ????????? मैं अपना कर्तव्य समझ कर अपना अनुभव लिख रहा हूँ ....किसी को ठेस पहुँचती हो तो मैं पहले से ही क्षमा मांग लेता हूँ .....मैं जानता हूँ की ये हिन्दू बाबा कितने ही पतित हो जाए तो भी किसी मुस्लिम या इसाई संत से हजारों गुना श्रेष्ठ ही रहेंगे .......क्योंकि सनातन हिन्दू धर्म के अलावा अन्यत्र मुक्ति का ना कोई चिंतन है ..ना ही कोई मार्ग .......
  
श्रीमद भागवत महापुराण में एक कथा आती है -----पौण्ड्र वासुदेव की ....ये एक आसुरी स्वभाव का राजा था ...वह महा अहंकारी --भगवान कृष्ण से इर्ष्या करने वाला था ..उसने कहा असली वासुदेव मैं हूँ ....और ये पौण्ड्र वासुदेव नकली चार हाथ लगा कर शंख - चक्र धारण करके ..अपने चापलूस दरबारियों से अपनी आरती करवाता था .....एक बार सबके चढाने पर घमंड में आकर इस मूर्ख ने भगवान कृष्ण पर ही चढाई कर दी .....कृष्ण बहुत हँसे ..और इस दुष्ट को मार कर धरती का बोझ हल्का कर दिया ..............
    .अब कलियुग में जो ढोंगी बाबा दुनिया को वैराग्य का उपदेश देते हैं और स्वयं अय्याशियों का जीवन बिताते हुए आलिशान महलों में रहते हैं .कभी कृष्ण  का स्वांग भर कर ,,कभी विष्णु का और कभी शिव का स्वांग भर कर लोगों को मूर्ख बनाते हैं ....बेशर्मी से अपनी आरती करवाते हैं  ये सब बाबा-- पौण्ड्र वासुदेव-- की तरह ही हैं ..********.लोभी गुरु लालची चेला ....दोनों नरक में ठेलम ठेला *********** एक कथा रामायण में भी है .......जब हनुमान जी लक्ष्मण जी की जान बचाने के लिए संजीवनी  बूटी लेने जा रहे थे ..उस समय रावण ने कालनेमि नामक राक्षस को विघ्न डालने के लिए भेजा ...उस धूर्त ने आधुनिक बाबाओं की तरह मनोहर लटके -झटके वाले बाबा का सा वेश धारण किया और मार्ग में फाइव स्टार आश्रम बना कर बैठ गया ......हनुमान जी को देखते ही उपदेश देने लगा ----"""जीवन मिथ्या है --विषय वासनाएं जाल हैं ----गुरु के बिना मुक्ति नहीं हो सकती ..आदि आदि """...फिर बोला ---बेटा जल्दी से इस सरोवर में स्नान करके आओ ..मैं तुम्हे गुरुमंत्र देकर ..शिष्य बनाउंगा ..निगुरे व्यक्ति की मुक्ति नहीं होती ......हनुमान जी मायाजाल में फंस गए ...स्नान करने के लिए सरोवर में उतर गए ......वहाँ एक मगर के रूप में रहने वाली एक राक्षसी ने उन्हें चेताया ..और उस ढोंगी से बचने की सलाह दी ....हनुमान जी तुरंत सावधान होकर बाहर निकले और उस गुरु घंटाल को ऐसी गुरु दक्षिणा दी की वो फिर किसी रामभक्त को राम की राह से भटकाने के लिए जीवित नहीं बचा .......
    हनुमान जी तो उस ढोंगी के चंगुल से बच गए ....लेकिन आजकल हजारों बाबा कालनेमि बन कर करोड़ों भक्तों का मार्ग रोके बैठे हैं ..इनकी पहचान है चित्र विचित्र वेश भूषा .....आलिशान महल .....सोने चांदी के सिंहासन ........मीठी मीठी बातें ...अलग अलग प्रकार के ढोंग ................अपनी आरतियाँ करवातें हैं ............सबके गलों में अपने चित्रों के लोकेट डलवा कर भगवान के मार्ग से भटका देते है .....................लोग भी लालच में ..तथा ..अपने दुःख दर्द और हारी बिमारी दूर करवाने के चक्कर में इन ढोंगियों के चंगुल में पड  कर  जीवन बर्बाद कर रहे हैं ...कलियुग की सबसे बड़ी विशेषता यही है की अधर्म- धर्म का वेश धारण करके आता है .........बहुत कठिन है सही और गलत का निर्णय करना ....अगर व्यक्ति लालच और भय आदि से मुक्त हो तो संभव है सही मार्ग को पहचान ले ...वरना मुझे तो एक ही उपाय सही लगता है की अपने शास्त्रों का स्वयं श्रद्धा के साथ अध्ययन किया जाए ..अपने आप भगवान की कृपा से सही मार्ग मिल ही जाएगा .........आजकल इन  प्रोफेशनल बाबाओं ने भागवत कथाओं और राम कथाओं के आयोजनों को भी मात्र धन इकठ्ठा करने का माध्यम और फूहड़ नाच गानों का अड्डा बना दिया है ......भगवान की कथाओं के नाम पर ये सब महा पाप ही है ............लोग कभी जान ही नहीं पाते की भागवत ,,रामायण आदि में कैसे रहस्यपूर्ण ,,विलक्षण ज्ञान विज्ञान की कथाएं भरी हुई हैं ...अगर सच में लोग स्वयं रामायण और भागवत का अध्ययन कर लें तो कभी इन ढोंगियों के चंगुल में नहीं पड  सकते ........





--
Vikas Saini

BLOG
www.hamariaawaaj.blogspot.com
-------------------------------------------------
TO KEEP YOURSELVES FIT & FINE WITHOUT SPENDING MONEY,  PL. WATCH "AASTHA" CHANNEL FROM 5.00 A.M. TO 8.00 A.M. IN THE MORNING   AND   FROM 8.00 P.M. TO  9.00 P.M. IN THE NIGHT EVERY DAY  --  MAKE "YOGA" AS YOUR DAILY ROUTINE

अपने दैनिक कार्यक्रम में 'योग' को शामिल कर बिना पैसा खर्च किए स्‍वस्‍थ और चुस्‍त रखने के लिए प्रतिदिन प्रात:काल 5 बजे से 8 बजे तक और रात में 8 बजे से 9 बजे तक ''आस्‍था'' चैनल देखिए।


Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages