from FB PAGE OF Indian National Student Organization Kurukshetra सोनिया गाँधी हमारे हिंदू धर्म को किस तरह से नष्ट कर रही है ये इसका जीता जगता सुबूत है . पहले सिक्को पर ऋजुवेद का एक अमर सूक्ति "सत्यमेव जयते " लिखा होता था और हमारे महापुरुषों या धर्

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Om B

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Jan 22, 2012, 10:38:03 AM1/22/12
to bharatswabhimantrust
सोनिया गाँधी हमारे हिंदू धर्म को किस तरह से नष्ट कर रही है ये इसका
जीता जगता सुबूत है . पहले सिक्को पर ऋजुवेद का एक अमर सूक्ति "सत्यमेव
जयते " लिखा होता था और हमारे महापुरुषों या धर्मो के प्रतिक होते थे .
लेकिन इस सोनिया ने पोप के कहने से हमारे सिक्को पर ईसाई निशान क्रोस
छपवाना शुरू कर दिया और सत्यमेव जयते अब गायब हों गया .:- जागो
भारतवासियों इनसो कुरुक्षेत्र जिंदाबाद
By: Indian National Student Organization Kurukshetra
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Indian National Student Organization Kurukshetra
‎*** "हर भारतीय के लिए चुनौती " ***

सन् 1836 में लार्ड मैकाले अपने पिता को लिखे एक पत्र में कहता है:
"अगर हम इसी प्रकार अंग्रेजी नीतिया चलाते रहे और भारत इसे अपनाता रहा तो
आने वाले कुछ सालों में 1 दिन ऐसा आएगा की यहाँ कोई सच्चा भारतीय नहीं
बचेगा.....!!"
(सच्चे भारतीय से मतलब......चरित्र में ऊँचा, नैतिकता में ऊँचा, धार्मिक
विचारों वाला, धर्मं के रस्ते पर चलने वाला)

भारत को जय करने के लिए, चरित्र गिराने के लिए, अंग्रेजो ने 1758 में
कलकत्ता में पहला शराबखाना खोला, जहाँ पहले साल वहाँ सिर्फ अंग्रेज जाते
थे। आज पूरा भारत जाता है।
सन् 1947 में 3.5 हजार शराबखानो को सरकार का लाइसेंस.....!!

सन् 2009-10 में लगभग 25,400 दुकानों को मौत का व्यापार करने की इजाजत।

चरित्र से निर्बल बनाने के लिए सन् 1760 में भारत में पहला वेश्याघर
कलकत्ता में सोनागाछी में अंग्रेजों ने खोला और लगभग 200 स्त्रियों को
जबरदस्ती इस काम में लगाया गया।

आज अंग्रेजों के जाने के 64 सालों के बाद, आज लगभग 20,80,000 माताएँ,
बहनें इस गलत काम में लिप्त हैं।

अंग्रेजों के जाने के बाद जहाँ इनकी संख्या में कमी होनी चाहिए थी वहीं
इनकी संख्या में दिन दुनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है !!

आज हमारे सामने पैसा चुनौती नहीं बल्कि भारत का चारित्रिक पतन चुनौती है।
इसकी रक्षा और इसको वापस लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए !!!
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Indian National Student Organization Kurukshetra
‎*** हमारी अँग्रेजी शिक्षा व्यवस्था जिसमें पढ़कर अँग्रेजी गधे निकाल
रहे हैं ***

1858 में लोर्ड मैकोले द्वारा Indian Education Act बनाया गया। मैकोले का
स्पष्ट कहना था कि भारत को हमेशा-हमेशा के लिए अगर गुलाम बनाना है तो
इसकी देशी और सांस्कृतिक शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करना
होगा और उसकी जगह अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था लानी होगी और तभी इस देश में
शरीर से हिन्दुस्तानी लेकिन दिमाग से अंग्रेज पैदा होंगे और जब इस देश की
यूनिवर्सिटी से निकलेंगे तो हमारे हित में काम करेंगे और मैकोले एक
मुहावरा इस्तेमाल कर रहा है:
"जैसे किसी खेत में कोई फसल लगाने के पहले पूरी तरह जोत दिया जाता है
वैसे ही इसे जोतना होगा और अंग्रेजी शिक्षा व्यवस्था लानी होगी।"

कलकत्ता में पहला कॉन्वेंट स्कूल खोला गया, उस समय इसे फ्री स्कूल कहा
जाता था, इसी कानून के तहत भारत में कलकत्ता यूनिवर्सिटी बनाई गयी, बम्बई
यूनिवर्सिटी बनाई गयी, मद्रास यूनिवर्सिटी बनाई गयी और ये तीनों गुलामी
के ज़माने के यूनिवर्सिटी आज भी इस देश में हैं और मैकोले ने अपने पिता
को एक चिट्ठी लिखी थी बहुत मशहूर चिट्ठी है वो, उसमें वो लिखता है कि:
"इन कॉन्वेंट स्कूलों से ऐसे बच्चे निकलेंगे जो देखने में तो भारतीय
होंगे लेकिन दिमाग से अंग्रेज होंगे और इन्हें अपने देश के बारे में कुछ
पता नहीं होगा, इनको अपने संस्कृति के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको
अपने परम्पराओं के बारे में कुछ पता नहीं होगा, इनको अपने मुहावरे नहीं
मालूम होंगे, जब ऐसे बच्चे होंगे इस देश में तो अंग्रेज भले ही चले जाएँ
इस देश से अंग्रेजियत नहीं जाएगी।"
उस समय लिखी चिट्ठी की सच्चाई इस देश में अब साफ़-साफ़ दिखाई दे रही है
और उस एक्ट की महिमा देखिये कि हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म आती है,
अंग्रेजी में बोलते हैं कि दूसरों पर रोब पड़ेगा, अरे हम तो खुद में हीन
हो गए हैं जिसे अपनी भाषा बोलने में शर्म आ रही है, दूसरों पर रोब क्या
पड़ेगा।
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Jabihul Quamar Vry gud?
5 hours ago · Like · 1
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Indian National Student Organization Kurukshetra
विदेश में जमा कला धन किसका तथा इसका उपयोग कोन कर रहे है........?
Like · · Share · Yesterday at 11:22am ·

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Raj Poonia bhai kha h nikal ke la ya h y
Yesterday at 2:24pm · Like · 1
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Indian National Student Organization Kurukshetra
इस समय देश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के 7.87 लाख रजिस्टर्ड
डॉक्टर हैं। देश भर में ऐसे 3277 अस्पताल, 24289 दवाखाने, 489 कालेज और
8644 दवा निर्माण इकाइयां चल रही हैं।

इस सब का मतलब बहुत ही गंभीर है क्रपया नीचे पढ़े ............

देश मे कुल लोगो की संख्या १२१ करोड़ है अगर हम मान कर चले की १ अरब २१
करोड़ मे २१ करोड लोग स्वस्थ है तो बाकि जनसंख्या १ अरब जनसंख्या के लिए
७ लाख ८७ हज़ार डॉक्टर उपलब्ध है, इसका मतलब एक डॉक्टर को लगभग १२७०
मरीजो को देखना पड़ेगा, ओसतन एक डॉक्टर एक दिन मे ५० मरीजो का सही से देख
सकता है तो ७८७००० डॉक्टर केबल ३९३५००० मरीजो को ही देख पायेगे , तो फिर
९६०६५०००० मरीजो का तो यमराज ही मालिक है.
https://www.facebook.com/PADAM786

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