आज हर भारतीय नागरिक को यह जान लेना चाहिये कि नेहरू ने देश साथ धोखा करते हुए अन्ग्रेजो कि मिली भगत से देश का बटवारा कराया।

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Anil Mittal

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Oct 6, 2010, 9:17:47 AM10/6/10
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परम् आदरणीय भारत वासियो,
                                             सप्रेम ओम! हिन्दुस्तान  के इतिहास मे चार नाम पण्डित जवाहर् लाल नेहरू, मोहम्मद अली जिन्ना, माउन्ट बेनटन, लेडीअडविना (धरम पत्नी माउन्ट बेन्टन) ऐसे है, जिन्होने राष्ट्रपिता महात्मा गान्धी के साथ छल करके उनके विचारो सिद्दान्तो एवं नितियो का खून किया। हिन्दुस्तान के पतन मे और बटवारे मे इन चारो ने षड्यन्त्र करते हुए गद्दार की भूमिका अदा करी
थी। नेहरू को अन्ग्रेज जोय के नाम से संबोधित करते थे, हैरो स्कूल लन्दन, कैम्ब्रेज् से शिक्षा प्राप्त विदेशी अन्ग्रेजी संस्कृति एवं सभ्यता से प्रभावित  (पण्डित नेहरू जिनके पिता मोतीलाल नेहरू के घर मे अन्ग्रेज अधिकारियो की शेमपेन शराब् की पार्टीया नित्य चला करती थी)
नेहरू ने कभी भी भारतीयता से प्रेम नही किया। भारत की आजादी की लडाई मे पण्डित नेहरू अपनी महत्वकान्क्षा पूरी करने के लिये उतरे महात्मा गान्धी की विश्वस्नियता जीतकर देश के साथ उन्होने धोखा किया, आजादी की लडाई मे जब् भी वे जेल गये उनकी सारी सुख सुविधाओ का ख्याल अन्ग्रेज अधिकारी रखते थे। आज हर भारतीय नागरिक को यह जान लेना चाहिये कि नेहरू ने देश केसाथधोखा
करते हुए अन्ग्रेजो की मिली भगत से देश का बटवारा कराया। जबकि इसके लिये महात्मा गान्धी, मौलाना आजाद, रफ़ी अहमद किदवई
सरदार पटेल इत्यादि  तैयार नही थे। जागो भारतीयो  जागने का वक्त् आ गया है, अत्तीत के गद्दारो को पहचानने का वक्त् आ गया है।
 
जय भारत वन्देमातरम!
अनिल मित्तल

Shankar Dutt Fulara

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Oct 7, 2010, 1:14:07 AM10/7/10
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बी.एस.टी. गूगल समुह के सभी सदस्यों के लिए जानकारी  | क्या  हम अपने ऐसे सद्विचारों को, जिनसे  आम जनता को भी जान कर प्रेरणा मिले, सीधे ब्लॉग में लिख सकते हैं ? अभी हम केवल समुह के सदस्य ही अपने इमेल बोक्स में अकेले एक दूसरे के विचारो को पढ़ पाते हैं,वैसे स्वामीजी का ब्लॉग भी है और भा,स्वा.आ क़ी वेब साईट भी है पर वह भी हमारी आवश्यकता को पूरी नहीं कर पा रहे, इसीलिए ग्रुप इमेल की आवश्यकता पड़ी पर उससे भी अच्छा है ब्लॉग का विकल्प | कृपया देख कर अपने सुझाव और सहमती-असहमति अवश्य दें |

स्वाभिमानी भारत

भारत स्वाभिमान न्यास से जुड़े सदस्यों के लिए खुला आमंत्रण

"स्वाभिमानी भारत"
कृपया देखिये और अपने विचार अवश्य दीजिये |
धन्यवाद |

शंकर दत्त फुलारा, विशिष्ट सदस्य भा.स्वा.ट्रस्ट, एवं यो.शि. , अध्यक्ष तहसील-भिकियासेन,जिला,अल्मोड़ा, उत्तराखंड |  


६ अक्तूबर २०१० ६:४७ अपराह्न को, Anil Mittal <hawa...@gmail.com> ने लिखा:
--
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