प्रतिस्पर्धा - एक अग्नि

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Vijay Mohan

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Nov 21, 2010, 12:30:51 AM11/21/10
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ॐ,

शशांक जी ने प्रतिस्पर्धा के कुछ अवगुण गिनाये !

मेरे हिसाब से प्रतिस्पर्धा एक अग्नि है , उसके फायदे और नुक्सान दोनों है , आप जैसे प्रयोग करें !

प्रतिस्पर्धा से विद्यालय में छात्र अधिक मेहनत करते है , खेलकूद में इसी से हमें आगे बढना होता है ! प्रतिस्पर्धा एक natural feeling है ! प्रतिस्पर्धा केवल दूसरों से नही स्वयं से भी होती है , और ये ही असली प्रतिस्पर्धा है , क्यूंकि मै किसी और के कार्यों का कुछ नहीं कर  सकता , मै केवल अपने जीवन और कार्यों पर ही नियंत्रण रख सकता हूँ ! यह सकारात्मक  ऊर्जा  है 

प्रतिस्पर्धा से द्वेष भी उत्पन्न हो सकता है , जिससे मनुष्य नकारात्मक कार्यों में प्रयोग में लाता है ! 

जय भारत 

pankaj agarwal

unread,
Nov 21, 2010, 1:15:05 AM11/21/10
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अकेला प्रतिस्पर्धा सही नहीं होता भाई, होनी चाहिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा तभी वो समाज को सही दिशा दे सकती है |
जैसे कि स्वामी जी ने अपने एक भजन में कहा है कि
"सबके गुण अपनी हमेशा गलतिया देखा करो, जिंदगी कि हुबहू तुम झलकिया देखा करो"
पंकज
जय  भारत
2010/11/21 Vijay Mohan <evija...@gmail.com>
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