"आर्य आक्रमण सिद्धांत" (Aryan Invasion Theory) जिस पर सवार होकर मायावती और उनके समर्थक हिन्दुओ को बरगला रहे हैं, उसे खुद वैक्समूलर ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में झूठी कल्पना करार दिया था लेकिन अल-तकिय्या के तहत नेहरू ने इसे नुरुल हसन के द्वारा भारतीय इतिहास में खूब पढवाया जिसका खामियाजा आज हिंदू भुगत रहे हैं. वैक्स मुलर ने खुद कहा की आर्य आक्रमण सिद्धांत उसकी निजी कलपना थी जो गलत कल्पना है. वैदिक धर्म हमेशा से ही बहुत वैज्ञानिक रहा है और सबसे पहली सभ्यता है और यह सभ्यता वृहत भारत में पनपी और विकसित हुई है.
अहिन्दू नेहरू को हिन्दू बाहुल्य भारत पर राज करने करने के लिए बहुलता वाले हिन्दुओ को बताना जरुरी थे जिसके लिए नेहरू ने ---
१) आर्य आक्रमण सिंद्धांत को स्कूलों में इतिहास का खास भाग बनाकर पढवाया जिससे लगे की हिंदू की उच्च जातिया यूरोप से आयी हैं.
२) सवर्णों को गरीबो पर जुल्म करने की छूट दी जिससे की इनमे आपस में मेल न हो सके.
३) वोटिंग को अनिवार्य नहीं किया जिससे जिससे लोग हिन्दुवादी सरकार न चुन पाए.
४) शुद्रो को उनका हक सरकारी तौर पर नहीं दिया बल्कि उन्हें आरक्षण दिया लेकिन उन्हें जमीन का हक नहीं दिया जिससे ये हमेशा पीछे घूमते रहे,
५) हंगामा करने वाले शुद्र नेताओ को व्यक्तिगत लाभ देकर नेता बना दिया लेकिन हिस्सेदारी और जमीन देने की बात नहीं किया.
६)यहाँ तक नेहरू और इंदिरा ने न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दिलाई और भारत में रोजगारी की किल्लत बनाये रखी.
७)उधर नेहरू ने मुस्लिमो को बटवारे के बाद भी भारत में बनाये रखा और उनको विशेषाधिकार देकर मुगलिया जमीनों का मालिक बरकरार रखा.
८) नेहरू अपने को मरने तक कश्मीरी ब्राह्मण ही बताते रह गए जब की यह खानदानी मुग़ल थे और अल-तकिय्या के तहत देश के लोगो को धोखा देते रहे,
९) नेहरू खानदान जानबूझकर सरकार और मिडिया से प्ररित करके दलितो को बौद्ध बनवाते रहे और हिन्दुओ से वैमनस्य फैल्वाते रहे जिससे हिन्दुओ का स्थाई बटवारा करके इनकी ताकत कम की जाके. नेहरू का असली मकसद था भारत को इस्लामिक देश बनाना, जिस कारन से भारत को कमजोर करने के लिए तिब्बत को चीन के पास जाने दिया. नेहरू को अंग्रेजो और खलीफाओ का सहयोग था.
१०)नेहरू गो-हत्या का समर्थक था और मो.गाँधी गो-हत्या के नाम देश के हिन्दुओ को बरगलाता रहा, सही मायने में गाँधी ने हिन्दुओ का ऐसिहासिक नुक्सान किया जिसकी भरपाई अब कोई नहीं कर सकता है.
११) मायावती को कांग्रेस का दिया जा रहा समर्थन इसी साजिस का हिस्सा है जिससे की दलित हिंदू और सवर्ण हिंदू एक साथ न आ जाये, राजनीतिक रूप से आ भी जाये तो धार्मिक रूप से इन्हें अलग रखे क्योकि किसी दूसरे धर्म को जमाने के लिए हिन्दुओ को बाटना और कमजोर रखना आवश्यक है. राम को झूठ बताना इसी साजिस का घिनौना रूप था. मुस्लिमो की पकड़ को भारत की राजनीति में बनाये रखने के लिए हिन्दुओ को नीचा दिखने में कांग्रेस, सपा और बसपा तीनों मिलकर काम कर रहे है, डर असल सारी ताकत कांग्रेस के आकाओ की है जो न जाने कहा पर है, इसका पता तो तभी लगगा जब कांग्रेस समाप्त हो चुकी होगी.
बाकि आप स्वयं अपना दिमाग लगाये....
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आपने स्वयं और अपने परिवार
के लिए सब कुछ किया, देश के लिए भी कुछ करिये,
क्या यह देश सिर्फ
उन्ही लोगो का है जो सीमाओं पर मर जाते हैं??? सोचिये......