मित्रो
वन्दे मातरम
यह सच है ! की हम भावुकता में अपना अधिकार बना लेते है ! खासतोर पे जब हमारी आत्मा और हमारा देश प्रेम हमारे सामने हो ! क्योना हो जो अपने देश का हो उसपर कोई दाग न हो वोह भी स्वदेशी लगे आस्था टीवी में आभारी हु की वोह करोड़ो भारतीयों का दिल जीत कर और लोगो ने इसे अपना मानलिया अर्थार्थ सबकी आत्मा में बसा है दुनिया में यह उपलब्धि शायद ही किसी के पास हो हमें यह नहीं भूलना चाहिए की १५ वर्षो से आपके देश, धर्म, समाज, स्वाथ, सेवा करने वाला दुनीया में सिर्फ आस्था टीवी है ! पर अफ़सोस है की हम इतने कमजोर है की हमें विदेशी कंपनियों का सहारा लेना पड़ रहा है हम सबने सोचा है क्यों---क्यों हमें विदेशी कम्पनियों को प्रस्तुत व प्रचार करना पड़ रहा है ! हमारी स्वदेशी उत्पाद व प्रचार पर कमजोर व लचर निति ! हम दौड़ नहीं लगा प् रहे विदेशी कम्पनियों के साथ ! जबकि विदेशी कम्पनिया झूठ, छल, वाशना, प्रलोभन में सबसे आगे है ! क्यों की उन्हें अपनी गन्दी वह गलत वस्तुए बेचनी पड़ती है ! वोह घातक, व जहर भी बेचने से गुरेज नहीं करती चाहे उन्हें सरकारी अफसर, मंत्री, प्रधान मंत्री, और चाहे संसद भी क्यों नहो खरीदनी पड़े वो करती है ! पर हम ऐसा नहीं करते ! दुनिया के सबसे ताकतवर उत्पाद हमारे पास है जीवन-रक्षक से लेकर खाद्य-प्रदार्थ तक विश्व कोटि उत्पाद हमारे पास है फिरभी हमरे पास कोई स्वदेश-नीती नही कोई हतियार नहीं हम कैसे लडे अपने दुश्मन से ! हम हाय हाय करते रह जाते है वोह विदेश-नीतीय बना हमारे देश में राज कर रहे है ! क्या हम संगठित होते है ! कोई सेमिनार करते है ! हम सिर्फ एक दुसरे की आलोचना और घमंड हमें आपस में संगठित नहीं होने देते ! अगर थोडा भी ध्यान दे दिया जाये तो विदेशी कम्पनियों को अपने उत्पाद बेचने मेभी शर्म आयेगी ! और पलायन होना निश्चित है ! और हमें भी ठोस नीतिया बननी पड़ेगी १५०० सौ से जादा स्वदेशी उधोग हमारे पास है ! सब इधर उधर धक्के खारही है जागिये दुनिया की बहुमूल्य वस्तुए व खनिज संपदा सिर्फ हमारे पास है ! फिरभी हम कमजोर ! हम दुनिया में शीर्ष पर हो यह मेरी आशा है ! स्वदेशी उत्पादक एक मंच पर आये और विदेशी कम्पनियों का मुकाबला करे मे परामर्श की लिए हमेसा तैयार हु !