*एसोसिएशन ऑफ सर्जन इंदौर सिटी चैप्टर का एक दिवसीय अर्धवार्षिक अधिवेशन सम्पन्न ।*
धड़कते दिल की सर्जरी में भारत ने कमाया नाम, अब पूरी दुनिया है हमारे पीछे ।
इंदौर, एसोसिएशन ऑफ सर्जन इंदौर सिटी चैप्टर का बी बी ओहरी मेमोरियल अर्ध वार्षिक अधिवेशन जो कि आज दिनांक 21 नवम्बर 21 रविवार को होटल क्राउन पैलेस इन्दोर में आयोजित किया गया ।
धड़कते हुए दिल की सर्जरी करना बेहद चुनौतीपूर्ण तो होता ही है लेकिन यह पुरानी पद्धति से किए जाने वाले ऑपरेशन की अपेक्षा अधिक सुलभ व उत्तम है। इसमे धड़कते दिल पर नई धमनियों को लगाने का पूरे विश्व मे इंदौर मेडिकल कॉलेज से पास आउट ह्रदय शल्य चिकित्सक डॉ हरिंदर सिंग बेदी ने इस मुकाम को हासिल किया है। भारत में इस तरह की सर्जरी करने का जोखिम हमने लिया और आज यह पद्धति पूरी दुनिया सर्वाधिक लोकप्रिय पद्धति मानी जाती है। भारत के शल्य चिकित्सकों ने हर स्थिति में अपनी योग्यता का लोहा मनावाया है और हमें उम्मीद है कि भावी शल्यचिकित्सक भी भारत के इस मान को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। यह बात मोहाली से आए देश के सुप्रसिद्ध ह्रदय शल्य चिकित्सक डॉ. हरिंदर बेदी ने शहर में आयोजित एसोसिएशन ऑफ सर्जन इंदौर सिटी चैप्टर के बी बी ओहरी मेमोरियल अर्धवार्षिक अधिवेशन में बतौर मुख्य वक्ता कही । इसमें इंदौर सहित आसपास के 300 से ज्यादा शामिल हुए। इस दौरान शहर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. बी के शर्मा को इंदौर रिसर्च फाउंडेशन की और से इस वर्ष का लाइफ टाइम अचिवमेंट अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया।
पुराने घाव का इलाज अब संभव
देश के वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. एपीएस सूरी क्रोनिक वुंड्स व अल्सर्स पर अपना व्याख्यान देते हुए कहा कि डायबिटिज समेत अन्य जटिल बीमारियों से ग्रसित मरीजों में पुराने घाव भरने में काफी दिक्कत होती है। वर्तमान में इस तरह की समस्या का निदान संभव है। इसके लिए सर्जन्स को कई तकनीकें आ चुकी है जिसमें वैक्युम संक्शन का इस्तेमाल करके घाव को जल्द ठीक किया जा सकता। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऐसी कई उन्नत दवाएं आ चुकी है जिनके जरिए मरीज को बगैर सर्जरी के भी आराम दिया जा सकता है।
कोरोना काल में हुई सर्जरी थी चुनौती
इसके अलावा डॉ. निशांत खरे ने नसों में रक्त के प्रवाह में आने वाली दिक्कतों को तकनीकी विधियों द्वारा दूर किया जा सकता है। वहीं डॉ. अविरल जैन ने कोरोना संक्रमण के दौरान हुई सर्जरी के दौरान बरती गई एहतियात को लेकर अनुभव सांझा किया। कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. संजय जैन जो कि भोपाल से है भी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. विजय निचानी ने की। इस अवसर शहर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. पी के बैनर्जी, डॉ. आर के माथुर, डॉ. सी पी कोठारी, डॉ. दिलीप आचार्य, आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुमित शुक्ला, डॉ. अनिल डोंगरे, डॉ. अक्षय शर्मा, डॉ. अंकुर माहेश्वरी सहित शहर के अन्य सर्जन भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन उपसचिव डॉ. अपूर्व श्रीवास्तव व आभार सचिव डॉ. अद्वेत प्रकाश ने माना।