अपील
I. इलेक्शन संबंधित :-
१. सबसे पहले इलेक्शन कराये जाएं।
२. कोई भी सदस्य एक भी पैसा एडहॉक एग्जीक्यूटिव कमिटी को ना दे.
३. इलेक्शन के बाद जो नई कमिटी बनेगी वो RWA (रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी) होगी। जो सभी सदस्यों को शेयर सर्टिफिकेट देगी। .
४. सभी 84 सदस्यों का MMT के दो दुकान और दो मकान में बराबर का हिस्सा है.
५. DRAT और DRT कोर्ट में जिन लोगों के नाम हैं- और जिन्होंने 3. 58 लाख दिए हैं वे सभी शेयर सर्टिफिकेट के हक़दार होंगे।
६. RWA ही संयुक्त तौर पर बिल्डर मधु सिंह पर कवर्ड एरिया और सुपर एरिया में हेरा फेरी के लिए एवम मुआवजा के लिए केस डालेगी - RWA ही - PNB की FIR और 4.50 करोड़ रूपए की वापसी का दावा डालें-
II. possession संबंधित :-
DRT कोर्ट के आर्डर के अनुसार सभी 84 सदस्यों को physical possession का अधिकार दिया गया है जिसके अनुसार उनके possession को कोई भी चैलेंज नहीं कर सकता।
अपने possession के आधार पर प्रत्येक सदस्य अपने घरों में ताला लगा सकता है-
ऐसा देखा गया है कि कुछ लोगों ने अपने घरों में काम कराया था परंतु उनकी फिटिंग को उखाड़ कर फेंक दिया गया जिसके कारण उनका काफी नुक्सान हुआ. दोबारा कंस्ट्रक्शन शुरू होने से पहले सभी लोग अपने अपने घरों में ताला लगा सकते हैं- यदि कोई रोकता है तो हमें अपने घरों में घुसने के लिए किसी की परमिशन की जरूरत नहीं- हम तो useless अनपढ़ लोग हैं. पढ़े लिखे लोगों की भाषा समझ नहीं आती.
टावर १ में काफी काम हो चुका है - फर्श, चौखट, टाइल, P.O.P, बिजली की फिटिंग आदि सबकुछ हो चुका है अतः हर फ्लैट में केवल कुछ हज़ार रूपए खर्च करके फ्लैट रहने लायक बन जाता है. जबकि लगातार पैसे देने के बावजूद टावर २ में फ्लैट आधे अधूरे हैं. कुछ में तो दीवारें भी पूरी नहीं बनी है. प्लास्टर भी नहीं हुआ है. फर्श नहीं बना है- P.O.P, चौखट, खिड़की दरवाजे सब कुछ करवाने में 4 से 5 लाख का खर्च है - 5/6/7/8/9/10 फ्लोर में लेबर का खर्च दोगुना है क्योंकि सामान ऊपर चढ़ाना पड़ता है.टॉवर a के लोग पैसा नही देना चाहते।
III. NO-LIEN की बात :-
No-lein का पैसा बिल्डर की outstanding के रूप में कोर्ट को दिया गया है. चाहे वो PNB का कर्जा उतारने के तोर पर हो या आधे अधूरे फ्लैटों को पूरा कराना हो. जिन लोगों के फ्लैट बिलकुल नहीं बने हैं उनको बिल्डर की प्रॉपर्टी (२ दुकान और २ मकान) से पूरा कराना चाहिए। जो भी लागत आई है उसका फैसला RWA करेगी। जिन लोगों ने No-lein में जो पैसा दिया है और अपना फ्लैट बनवाया है उसमें कितनी लागत आई है.
IV ऑक्शन की धमकी :-
दोस्तों सोसाइटी फ्लैट ओनर की बैसाखियों पर खड़ी है. सोसाइटी के पास अपनी कोई ज़मीन नहीं है, न थी न होगी। अगर आप FOAM का पता देखें जो की DRT, DRAT और हाई कोर्ट में जमा है उसका पता मेरे फ्लैट 281, 282 पर रजिस्टर्ड है. अब इसके बदले कोई पता बदलता है तो भी उसे अपना पर्सनल पता देना पड़ेगा। कहने का तात्पर्य यह है की ऑक्शन की धमकी देना बहुत ही हास्यपद है. अधिकांश फ्लैट बैंक में मॉर्गेज हैं और उनकी EMI जा रही है. उन्हें सोसाइटी जो खुद एक serogate mother की तरह है, ऑक्शन करने की धमकी कैसे दे सकती है. यदि डॉ. गोयल को ऑक्शन कराने का इतना शौक है तो एक नई सोसाइटी बनायें, उसमें ज़मीन खरीदें और उसमें फ्लैट बनाके बेचें। 71 साल की उर्म में प्रॉपर्टी डीलिंग का शौक पूरा करें। हम सब तो यह सुनते सुनते बोर हो चुकें हैं की कभी PNB ऑक्शन कर देगा, बिल्डर ऑक्शन कर देगा। ऐसी बंदर घुड़की से हम डरने वाले नहीं। डॉ. गोयल अपना फ्लैट बचाएं, FOAM को बनिये की दुकान ना बनाएँ। दोस्तों, यहाँ का कमर्शियल रेट 58,000 रूपए स्क्वायर/मीटर है. उस हिसाब से कैलकुलेशन इस तरह होगी :-
1420 sq/फ़ीट
GF FF SF
131. 917 * 58.710 = 77,44,847 रूपए (फ्लैट की कीमत)
और मुझे अफ़सोस है की हमारे किसी सदस्य का 77 लाख का फ्लैट मात्र 25 लाख में बिक गया. जिसने ख़रीदा उसने 52 लाख का फायदा ले लिया। सभी लोगों के इस बारे में ज्ञात है की किसने ख़रीदा और किसने बेचा।
अंत में आपसे यह बात कहनी है की क्यों तुरंत इलेक्शन की आवश्यकता है:-
कुछ फोटो मैं आपको दिखा रही हूँ जिसमे आप सब लोगों को physical possession संबंधित लेटर दिया जा रहा है.
परंतु डॉ वी.के गोयल, श्रीमती किरण भाटिया, श्री एस.सी. भट्ट, श्री शिव रामन और श्री एन.डी. गुप्ता ने. DRT कोर्ट के आर्डर के खिलाफ पटियाल कोर्ट में श्री एस.के.दाश के समर्थन में एक पत्र जारी किया है जिसमे उन्होंने यह एफिडेविट दिया है की एसोसिएशन के किसी भी सदस्य के पास possession नहीं हैं.
ऐसे लोगों को एग्जीक्यूटिव कमिटी से तुरंत निष्काषित किया जाये जो गलत बयान बाज़ी करने में विश्वास रखते हैं और लोगों में अपनी महत्वकांशा को पूरी करने के लिए अशांति फैलाते हैं. और अब अपने इस गलत काम को छुपाने के लिए GBM से हश्ताक्षर करवाके अपनी मंशा में सबकी मंशा जोड़ना चाहते हैं. ज्ञात हो की यही 4 - 5 सदस्य हैं जो चलते हुए हर काम को गलत साबित करना चाहते हैं. अगर एस.के दाश और ग्रुप करे तो वो लीगल है और कोई दूसरा काम करें तो इललीगल बताते हैं.
आज से 2 साल पहले इलेक्शन का मुद्दा उठाकर चलते हुए कंस्ट्रक्शन के काम को रोक दिया गया था. फिर अभी तक इलेक्शन क्यों नहीं कराया गया ?
एडहॉक सेक्रेटरी ने के कहा था की PNB की outstanding देने के एक महीने के अंदर आप लोगों को रजिस्ट्री मिल जाएंगी। 6 महीने हो गए हैं. हर दिन का 5.5 हज़ार का इंटरेस्ट जा रहा है. इसका हर्जाना कौन भरेगा और कब तक ये हमें इंतज़ार कराएंगे। और कब तक GBM और board resolution की राजनीती करते रहेंगे। यदि सोसाइटी नहीं सम्भाल पा रहे हैं तो लोगो को क्यों गलत फैहमी में रखा हुआ है. लगता है इनकी मंशा घर पाने की नहीं बल्कि कुछ और ही है.
मेरे फ्लैटों का हिसाब:-
2 फ्लैटों का PNB को दिया - 3.58 + 3.58 = 7.16 लाख.
मेरे फ्लैटों की लागत (281 और 282) = 5 +5 = 10 लाख (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट)
रजिस्ट्री की लागत 6 + 6 = 12 लाख.
उसके बावजूत क्या गारंटी है की सोसाइटी को एक लाख का चेक देकर 10 लाख का काम हो जायेगा। 2 दुकान और 2 मकान जिनकी कीमत 4 करोड़ रूपए है. (दुकान का कमर्शियल रेट 1.34 लाख sq/meter. तो 100 गज की दुकानें एक करोड़ के लगभग। 2 दुकानें 2 करोड़, 2 मकान 2 करोड़) उसमें मेरा शेयर 9 लाख 52 हज़ार बनता है. जो मेरे कंस्ट्रक्शन, पानी, बिजली के कनेक्शन में लगना चाहिए। इसी तरह सबका शेयर निकलता है जिसमें उन्हें पानी, बिजली, सीवर का कनेक्शन फ्री में देना चाहिए. तो सोसाइटी किस बात के लिए पैसे डिमांड कर रही है और चेक लेकर खाना खिला रही है ?
शुभकामनाएं
रंजना यादव।