Re: Eklavya science workshop report

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Sangeeta Verma

<vermas467@gmail.com>
unread,
Jul 1, 2026, 5:05:34 AM (9 days ago) Jul 1
to Kuldeep singh Yadav, Vijaya Ramachandran, Mukesh Kumar, Murari Kumar, apnaskoolteacher, Sunita Srivastav
कुलदीप भाई धन्यवाद। 
एकलव्य की कार्यशाला से जो ज्ञान और गतिविधियां आपने सीखी है। उसको यदि अपना स्कूल के शिक्षकों के साथ साझा करेंगे तो ये  अपना स्कूल के सभी सेंटर के बच्चों तक पहुंच सकेगा। 
इसलिए छुट्टियों के बाद एक या दो दिन की कार्यशाला यहाँ भी आयोजित कर सकते है। 
धन्यवाद 
संगीता (अपना स्कूल )

On Wed, Jul 1, 2026 at 12:18 PM Kuldeep singh Yadav <kuldeepsin...@gmail.com> wrote:
आदरणीय दीदी जी,अध्यापक गण, समन्वयक गण नमस्ते 

एकलव्य साइंस वर्कशॉप रिपोर्ट
(20-28 june)

हाल ही में मुझे एकलव्य साइंस वर्कशॉप में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। यह कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं प्रयोग आधारित रही। इसमें विज्ञान को सरल, रोचक और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाने की अनेक विधियाँ सीखने का अवसर मिला।

भौतिक विज्ञान (Physics) सत्र में श्री  कमल मेहंद्रू जी, श्री भास बापट जी एवं श्री सुशील जोशी जी ने ध्वनि (Sound) विषय की शुरुआत कराई। इस दौरान कंपन, दोलन, आवृत्ति, आयाम, धीमी एवं तेज़ ध्वनि, ध्वनि की तीव्रता, तार की लंबाई कम या अधिक करने पर ध्वनि में होने वाले परिवर्तन तथा प्रत्यास्थता (Elasticity) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विभिन्न प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विस्तार से समझाया गया।

रसायन विज्ञान (Chemistry) सत्र में श्री अंकुश गुप्ता जी ने परमाणु संरचना पर विस्तृत जानकारी दी। इसमें डाल्टन, रदरफोर्ड तथा नील्स बोर के परमाणु मॉडल को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही मास रेशियो, विभिन्न लवणों का फ्लेम टेस्ट, कैथोड एवं एनोड, कैथोड किरणें तथा एनोड किरणें, स्पेक्ट्रम डेमोंस्ट्रेशन तथा विभिन्न गैसों के रंगों में होने वाले परिवर्तन का प्रदर्शन कराया गया।
IISER भोपाल लैब 

इसके अतिरिक्त Indian Institute of Science Education and Research Bhopal में डॉ. मधुमिता मुखर्जी द्वारा नायलॉन निर्माण का प्रयोग कराया गया, जिसमें सेबासॉयल क्लोराइड एवं हेक्सामिथिलीन डायमीन के विलयन से नायलॉन का धागा तैयार किया गया। इसी प्रकार केमिकल गार्डन का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें सोडियम सिलिकेट एवं कोबाल्ट क्लोराइड का उपयोग किया गया।

कार्यशाला के दौरान डिस्टिलेशन की प्रक्रिया द्वारा एसीटोन और पानी के मिश्रण को अलग करने की विधि समझाई गई। साथ ही NMR स्पेक्ट्रोमीटर के माध्यम से आणविक संरचनाओं के विश्लेषण तथा इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की सहायता से पदार्थों को नैनो स्तर पर देखने की प्रक्रिया का भी अवलोकन कराया गया।

इसके बाद श्री जी. नागार्जुना जी ने Cultivating STEM Habits विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोग, अवलोकन, प्रश्न पूछने और गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाना चाहिए, जिससे बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो।

जीव विज्ञान के सत्र में जीवों के वर्गीकरण को संरचना (Structure), कार्य (Function) तथा अन्य वैज्ञानिक आधारों पर करने की विधि समझाई गई। इसके साथ ही विज्ञान संग्रहालय (Museum) का भ्रमण कराया गया, जहाँ अनेक वैज्ञानिक उपकरणों एवं मॉडलों का अवलोकन करने का अवसर मिला। विभिन्न रोचक गतिविधियों और प्रयोगों ने इस कार्यशाला को और भी प्रभावी एवं यादगार बना दिया।

यह कार्यशाला मेरे लिए अत्यंत उपयोगी रही। यहाँ से प्राप्त ज्ञान और गतिविधियों को मैं बच्चों के साथ साझा करूँगा तथा अपना स्कूल  में प्रयोग आधारित विज्ञान शिक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास करूँगा।



धन्यवाद।
कुलदीप अपना स्कूल 


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Kuldeep singh Yadav

<kuldeepsinghyadav579@gmail.com>
unread,
Jul 1, 2026, 5:46:14 AM (9 days ago) Jul 1
to Sangeeta Verma, Vijaya Ramachandran, Mukesh Kumar, Murari Kumar, apnaskoolteacher, Sunita Srivastav
Ji didi
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