हमेशा की तरह आप सभी लोगों को बहुत-बहुत शुक्रिया जून अंक के लिए बच्चों की रचनाएँ भेजने के लिए।
इस ईमेल के ज़रिए सबसे पहले मैं आप लोगों से महत्त्वपूर्ण बदलाव की बात साझा कर रही हूँ।
जुलाई महीने से हम ‘क्यों-क्यों’ कॉलम में एक बदलाव कर रहे हैं। कई पाठकों का कहना है कि ‘क्यों-क्यों’ में दिए सवाल का जवाब भेजने के लिए उन्हें कम समय मिलता है। इसलिए अब ‘क्यों-क्यों’ का सवाल एक अंक पहले दिया जाएगा।
इसलिए जुलाई महीने में हम जून अंक के सवाल के ही जवाब प्रकाशित करेंगे। तो अगर आपने जून अंक के सवाल पर बच्चों से काम करवाया, मगर किसी वजह से जवाब भेजने में देरी हो गई तो आप अभी वो जवाब भेज सकते हैं।
इस ईमेल के साथ मैं अगस्त अंक के लिए गतिविधियाँ साझा कर रही हूँ। गतिविधियाँ इस प्रकार हैं:
- क्यों-क्यों: अगस्त अंक का सवाल है: जाड़े मेंं देर रात तक बाहर रखी लोहे की कुर्सी लकड़ी की कुर्सी से अधिक ठण्डी लगती है। उनका तापमान तो बराबर होता है, फिर यह अन्तर क्योंं?
बच्चे अपना जवाब लिखकर या चित्र अथवा कॉमिक बनाकर भी दे सकते हैं। - किताबें कुछ कहती हैं: इस कॉलम के अन्तर्गत बच्चे ऐसी किसी भी किताब के बारे में लिख सकते हैं जो उन्हें पसन्द या नापसन्द हो। किताब के बारे में लिखते समय बच्चे उस किताब की कहानी न लिखें, बल्कि इस पर फोकस करें कि उस किताब में उन्हें क्या अच्छा लगा और क्या नहीं, और क्यों। इसके साथ ही बच्चे उसके चित्रों के बारे में व उस किताब से जुड़ते हुए अपने अनुभवों को भी लिख सकते हैं।
- मेरा पन्ना: बच्चों द्वारा मूल रूप से बनाई या लिखी गई कोई भी रचना मसलन कहानी, कविता, लेख, चित्र, पेंटिंग आदि आप इस कॉलम के लिए भेज सकते हैं। आप सेंटर/स्कूल पर बच्चों के साथ तमाम गतिविधियाँ करते हैं जिसके फलस्वरूप बच्चों द्वारा इस तरह की कई रचनाएँ रची जाती हैं। अगर आप नियमित रूप से उन्हें साझा करते रहें तो बहुत बेहतर होगा।
- माथापच्ची: बच्चे इस कॉलम के लिए पहेलियाँ, पज़ल्स, गणित के सवाल वगैरह भेज सकते हैं।
इन गतिविधियों के लिए बच्चों के जवाब भेजने की अन्तिम तारीख है 10 जुलाई।
आपसे अनुरोध है कि इन सभी कॉलम के लिए बच्चों की रचनाएँ अवश्य भेजें।
एक और बात, पिछले कुछ समय से आप लोगों से मेरा पन्ना कॉलम के लिए बच्चों की रचनाएँ थोड़ी कम मिल रही हैं। इसलिए मेरा विशेष आग्रह है कि क्यों-क्यों कॉलम के जवाबों के साथ ही मेरा पन्ना कॉलम के लिए भी बच्चों की रचनाएँ (कहानी-कविता, चित्र, पेंटिंग आदि) ज़रूर भेजें।