bobby ramakant
unread,May 29, 2008, 2:55:52 AM5/29/08You do not have permission to delete messages in this group
Either email addresses are anonymous for this group or you need the view member email addresses permission to view the original message
to
तपेदिक या टीबी समाचार सारांश: २९ मई २००८: अंक ५४
तपेदिक या टीबी समाचार सारांश
अंक ५४
गुरुवार, २९ मई २००८
एक्स्तेंसिवेली ड्रग रेसिस्तंत टीबी या तपेदिक (XDR-टीबी) यानि कि ऐसी
तपेदिक जिसपर अधिकांश टीबी या तपेदिक की दवाएं कारगर न रहें, ऐसी टीबी या
तपेदिक होने की वजह से मृत्युदर भी काफी अधिक है, लगभग ढाई साल से विश्व
में जन-स्वास्थ्य को चुनौती दे रही है.
पिछले हफ्तों में नामिबिया नामक अफ्रीकी देश में कई XDR-टीबी के रोगी
अस्पताल में चिन्हित हुए, और दवा कंपनी से नामिबिया सरकार के कई निवेदन
के बावजूद भी अभी तक जरुरी दवाएं नामिबिया देश में नही उपलब्ध हुई हैं.
दक्षिण अफ्रीका में जब मार्च २००६ में XDR-टीबी के रोगी चिन्हित हुए थे,
तो परीक्षण का नतीजा आने से पहले ही ५३ में से ५२ मरीज मर गये थे. इसमें
कोई संदेह नही कि टीबी या तपेदिक की जाँच जल्द-से-जल्द होनी चाहिए, इलाज
पूरी अवधि तक लेना चाहिए और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये हर संभव
प्रयास करना चाहिए.
G-8 या विश्व में ८ आर्थिक रूप से मजबूत देशों का समूह ने कई साल पहले
ग्लोबल फंड टू फाइट एड्स, टीबी और मलेरिया को अनुदान देने का वादा किया
था, जो कुछ सीमित दायरे तक निभाया भी है. अब इसके वरिष्ठ अधिकारीगण
परेशान है कि विश्व में आर्थिक और भोजन को ले के जो संकट मंडरा रहा है,
उसकी वजह से कही यह देश आर्थिक सहायता ग्लोबल फंड की बजाय अन्य विकास से
जुड़े हुए कार्यों में निवेश न कर दें।
जो लोग विदेशों में भ्रमण/ कार्य हेतु आते जाते हैं, उनके लिये अमरीका के
सी.डी.सी. ने सलाह जारी की है. उसके अनुसार इन यात्रियों को 'सावधानी'
बरतनी चाहिए और सरल उपाए जैसे कि साफ सफ़ाई रखना, साफ पानी पीना, खासते
समय मुहँ पर हाथ रखना, कच्चे या खुले हुए खाने के समान का सेवन न करना,
खाने से पहले हाथ धोना, मच्छर से बचना, आदि रोगों से बचने में काफी सहायक
होंगे.
अफ्रीका के किनया देश में टीबी और एच.आई.वी दोनों ने जन-स्वास्थ्य को
गंभीर चुनौती दे रखी है. जिन लोगों को एच.आई.वी संक्रमण है, उनमें टीबी
या तपेदिक होने की सम्भावना काफी अधिक रहती है. इसलिए आवश्यक है कि
एच.आई.वी क्लीनिक पर टीबी या तपेदिक के परीक्षण और इलाज की पूरी व्यवस्था
होनी चाहिये. उसी तरह टीबी या तपेदिक की क्लीनिक में एच.आई.वी की जांच
आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिये.