कौतुक : जरोस्लावा ब्लाज्कोवा

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anurag sharma

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Oct 8, 2024, 1:42:00 AM10/8/24
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#बच्‍चा जन्‍म से ही उत्‍साही और #जि‍ज्ञासु होता है। उसमें अकसर यह जानने की स्‍वाभावि‍क इच्‍छा होती है कि‍ #मानव_का_जन्‍म कैसे होता है। #स्लोवाकिया की लेखिका #जरोस्लावा_ब्लाज्कोवा की #बालमनोविज्ञान की कहानी #कौतुक में #माँ_और_बेटे के बीच संवाद के माध्यम से रिश्तों और #मानवीय_मूल्यों की अहमि‍यत पर बड़ी खूबी से दिखाया गया है। इस कहानी का अंग्रेजी से अनुवाद कि‍या है लेखक और अनुवादक #यादवेन्‍द्र ने। कवि‍ #भास्‍कर_चौधुरी से सुनते हैं ‘कौतुक’- https://www.youtube.com/watch?v=EhvWkqzJfNg&list=PLY4BXb46voAD8bhXbiT9R18Cd8ZzSYuul&index=11&t=91s
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