हाँ मै आदिवासी हू, मै इस भूमि का मुलनिवासी हू !जिसे आपने रामायण के वक्त से वानर,असुर,दानव कहा !!हाँ मै आदिवासियों का राजा रावण हू,लेकिन ह्म मानव आदिवासियोंको राक्षस कहने वालेमूर्ख प्राणी तुम कौन हो ...!मुझे गर्व है की हम असुर सम्राट रावण है !हाँ सीता का अपहरणकर्ता मै ही हू,मैने उसके "हाँ" का इंतजार किया,पर अयोध्या लेजा कर उसकी अग्नि परीक्षा लेनेवालेउसे त्यागकर ज़मीन मे जिंदा दफ़ना देनेवालेपत्नी से ज़्यादा धोबीपर विश्वास रखनेवालेतुच्छ हैवान बताओ तुम कौन हो ...!हाँ मै आदिवासी हू, मै इस भूमि का मुलनिवासी हू !हाँ मै आदिवासियों का राजा रावण हू,ख़ैबर मे से आनेवालो बताओ तुम कौन हो.....!!!जय मुलनिवासी !!विनोद दुमाडा - आदिवासी वारलखंड जनां दो लन (आवाज दो)