तुम्हारा चेहरा
जामुन हो गया है सोनी
इसकी मिठास अब और बढ़ गयी है |
इसका अर्क
असाध्य रोगों की अचूक दवा है
नहीं जानते हैं वें
जिन्होंने बना दिया तुमको जामुन
तुम मत सोचना सोनी
चेहरा ख़राब हो गया हैं तुम्हारा उस समाज की बेटी हो तुम
जिसमे कोई चेहरा बदसूरत नहीं होता
हम आदिवासी औरतों को यह समाज
सिर्फ देह जानती है,
या फिर लड़ाकू हौस ले से
चेहरा हमारा
सदियोंसे सुर्पनखा है बहन
और इतिहास हमारी नाक
जिसे काटते रहते है मर्यादा पुरुषोत्तम
और उनके भाईबंद रिश्तेदार
तुम अब पहले से कही ज्यादा
फल उठी हो जामूनसी
देश के जंगल दहक रहे हैं
तुम्हारी जामुनी आभा से
तुम्हारे चेहरे का जामूनी रंग
बदल देगा व्यवस्था का कसैला स्वाद
देश का भविष्य मिठा होगा ही एक दिन
कह रहे हैं गाँव
कह रहे हैं जंगल

कह रहा है हर जामूनी चेहरा
📝 वंदना टेटे
On Monday, November 28, 2011 at 9:20:17 PM UTC+5:30, AYUSH - adivasi yuva shakti wrote: