६०१८. सीने में नहीं दिल है जिनके, उल्फ़त का तराना क्या जानें – २ सितंबर २०१७
सीने में नहीं दिल है जिनके, उल्फ़त का तराना क्या जानें
जिनने हैं सितम करना सीखा वो प्यार निभाना क्या जानें
व्यापार जो करते हैं दिल का उनको न वफ़ा से कुछ मतलब
समझें न इशारों को ही जो वो नाज़ उठाना क्या जानें
मक़्सद है यही उनका केवल वो ख़ूब बढाएं आमदनी
वो प्यार की दौलत क्या जानें, एहसास जताना क्या जानें
आँसू न कभी पौंछे जिनने उनको न कहेंगे अपना हम
जो हाथ उठाने के आदी वो हाथ बढ़ाना क्या जानें
हमको है ख़लिश उम्मीद नहीं हमराही वो बन पाएंगे
रहना है हमें तनहाई में, वो प्रीत लगाना क्या जानें.
बहर --- २२११ २२-२२ २ // २२११ २२-२२ २
महेश चन्द्र गुप्त ’ख़लिश’
३ अप्रेल २०१७