६१०२. दर्शन करूँ भगवान के, देखा किया सपने -– २८ जून २०१७

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Dr.M.C. Gupta

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Jun 27, 2017, 10:20:08 AM6/27/17
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६१०२. दर्शन करूँ भगवान के, देखा किया सपने -– २८ जून २०१७


 

दर्शन करूँ भगवान के, देखा किया सपने

पर देख पाया हूँ नहीं मालिक को मैं अपने

 

मन में तो तेरे चोर बैठा मोह-माया का

माला दिखाने के लिए तू क्यों लगा जपने

 

मौला तेर ख़्वाबों में आएंगे, मगर तब ही

ख़्वाबों में तेरे बंद होंगे नोट जब छपने 

 

जो भी कमाया धन यहीं रह जाएगा सारा

दौलत कमाने के लिए नाहक लगा खपने

 

अहसास रूहानी तभी हो पाएगा मुमकिन

जब आँख दुनिया से ख़लिश तेरी लगे झपने.

 

बहर --- २२१२  २२१२  २२१२  २२

 

महेश चन्द्र गुप्त ’ख़लिश’

२४ जून २०१७


--
(Ex)Prof. M C Gupta
MD (Medicine), MPH, LL.M.,
Advocate & Medico-legal Consultant
www.writing.com/authors/mcgupta44

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