६०८८. हारो नहीं, धीर धारो, मत बिसारो राम – ३ अगस्त २०१७
हारो नहीं, धीर धारो मत बिसारो राम
होंगे सभी काम पूरे राम का लो नाम
खाली नहीं बैठना है, अब नहीं है वक़्त
होवे सदा साफ़ मन, बस हो सही ही काम
जो भी करें काम फल की भावना दें त्याग
हाथों करें काम पर जिह्वा न भूले नाम
तीरथ करो, ना करो, मन में नहीं हो मैल
दिल में रहे भावना, ना बाहरी हो चाम
जाने ख़लिश आ न जाए वापसी का हुक्म
नेकी सदा ही रहे मन में, मिले हरि धाम.
बहर --- २२१२ २१२२ २१२२ २१
महेश चन्द्र गुप्त ’ख़लिश’
१० जून २०१७