६१४४. किसलिए तुम झूठ अफवाहें उड़ाते हो –- २१ अगस्त २०१७
किसलिए तुम झूठ अफवाहें उड़ाते हो
किसलिए इस्लाम ख़तरे में बताते हो
दूसरा सबसे बड़ा है धर्म दुनिया में
क्यों जिहादी ख़ुद मरें, मारें ये चाहते हो
एक सुन्नी है, शिया है नाम दूजे का
किसलिए आपस में तुम इनको लड़ाते हो
पढ़ रहे बच्चे हैं जो कालिज मदरसे में
दे प्रलोभन क्यों उन्हें पत्थर फिंकाते हो
तुम जलाते पाठशाला किसलिए, बोलो
नाम पे मज़हब के तुम रोटी कमाते हो
है ज़मीं पावन ये भारत की यहाँ रह कर
आज पाकिस्तान के क्यों गीत गाते हो.
बहर --- २१२२ २१२२ २१२२ २
महेश चन्द्र गुप्त ’ख़लिश’
३१ जुलाई २०१७