PMOPG/E/2025/0196445
संबंधित विभाग : दिल्ली विकास प्राधिकरण।
(i) सम्पूर्ण द्वारका में अनेक स्थानों पर वृक्षों के नीचे चबूतरे बना दिये गए हैं। कई शिकायतों के उपरांत भी कार्मिक कोई कार्रवाई करने में पूर्णतया विफल रहे हैं यह सर्व विदित है की इस प्रकार का निर्माण अतिक्रमण की पहली सीढ़ी है। तो भी प्राधिकरण के कर्मी कोई भी कार्रवाई करने से कन्नी काट रहे हैं। पिछली बार तो एक शिकायत पर DDA ने बिना कुछ किए ही झूठी रिपोर्ट देकर कहा की चबूतरा हटा दिया गया है। इस सबका एक ही अर्थ है के ये भी इस अतिक्रमण के घोटाले में सक्रिय रूप से मिले हुए हैं। चबूतरा बनाने ही क्यों दिया गया? अब बन गया है तो हटाने में क्या समस्या है ये समझ से बाहर है।
(ii) गड्ढों से नपटने में स्टाफ पूरी तरह नाकाम रहा है। देश बंधु गुप्ता मार्ग पर राजा पुरी से लेकर आशीर्वाद चौक तक दोनों चौराहों पर छोटे गड्ढे उभरने शुरू हो गए हैं। छोटे गड्ढे क्यों नहीं भरे जारे ये एक जांच का विषय है। जब गड्ढा कई महीने पुराना होकर बड़ा न हो जाता है और लाखों लोग परेशान न हो चुके हों तब उसकी मरम्मत नहीं की जाती है। इस दौरान निरीक्षण कर्मी कहाँ सोते रहते हैं? वेतन तो नियमित मिलता है पर काम नियमित नहीं होता, तो वेतन किस बात का लेते हैं? क्या कम खर्चे वाला काम करने में किसी की रुचि नहीं?
मेरा अनुरोध है की मुख्य अभियंता द्वारका से चूकों के विषय में विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाए।