विषय : पटरी पर व्यवधान जेएनयू बोर्ड

5 views
Skip to first unread message

Sanjeev Goyal

unread,
Mar 27, 2026, 10:46:09 AM (5 days ago) Mar 27
to dwarka-residents

PMOPG/E/2026/0049154


 

संबन्धित विभाग : PWD


 

बहुत समय से में PWD को इस बात के लिए चेता रहा हूँ की पटरी लोगों के चलने के लिए होती है।  उस पर व्यवधान खड़ा करना नैतिकता व कानूनी दोनों रूपों से अपराध है। इसके लिए दिल्ली में विस्तृत दिशा निर्देश UTTPEC  द्वारा पहले से ही जारी किए गए हैं। जिसका अनुपालन PWD के लिए बाध्यकारी है।

 

इन दिशा निर्देशों का निरंतर उल्लंघन कर PWD के समझदार अभियंता मंदबुद्धि होने का प्रमाण क्यों दे रहे हैं?

 

राजधानी में सड़कों पर पटरी को बाधित करने वाले सूचना पट्टों का बहुतायत है, आश्चर्य है की इनमें से बहुत से PWD द्वारा ही लगाए गए हैं।  चित्र में संलग्न बोर्ड पिछले 15 वर्षों से लगा है। अनुरक्षण दल में इतने वर्षों में क्या एक भी अक़्लमंद व्यक्ति नहीं आया जो इस बात को नोट कर सके। दर्जनों अभियंता आए होंगे और चले गए सब केवल सोते रहे?  अगर पूरी पटरी बोर्ड से घिरी रहेगी तो लोग चलेंगे कहाँ? UTTIPC दिशा निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख है की पटरी सभी प्रकार की बाधाओं से मुक्त होनी चाहिए। यह ऐसा अकेला उदाहरण नहीं है मेरे अनेकों बार लिखने के उपरांत भी केवल खाना पूर्ति के लिए एक या दो बोर्ड हटा दिये जाते हैं बाकी ज्यों के त्यो रहते हैं। अगर पटरी चलने लायक ही नहीं है तो बनाई ही क्यों जाती है? करोड़ों का खर्च क्या केवल ठेकेदार की जेब भरने के लिए है? मोटा वेतन प्राप्त करने वाले अधिकारियों में समझ का इतना अभाव क्यों? उनकी आँखें क्यों बंद रहती हैं? क्या समाज के लिए कोई दायित्व नहीं है?  

--
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages