PMOPG/E/2026/0049149
संबंधित विभाग : दिल्ली नगर निगम
एक नई प्रथा देखने में आई है जिसके तहत विवाह व जलसों में केवल शौक के लिए बहुत सारी प्लास्टिक की चमकीली कतरनें उड़ाई जाती हैं। ऐसा सड़क पर चलने वाली बारातों में भी हो रहा है। सवाल है की इसको साफ कौन करेगा। निगम को इस दिशा में समुचित कदम उठाने की आवश्यकता है। पहले ही सड़कों पर गंदगी की भरमार है उस पर इस प्रकार से प्लास्टिक के टुकड़े उड़ाने का क्या औचित्य है। चित्र निगम के राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय के सामने का है। अगर कार्यालय के सामने ही लोग सड़क पर कूड़ा बिखेरेंगे तो शेष दिल्ली में क्या होगा। ऐसे लोगों का चालान क्यों नहीं काटा जाता। निगम के अधिकारी कहाँ हैं? (संलग्न)
