PMOPG/E/2026/0051099
संबंधित मंत्रालय : व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय
विषय : व्यर्थ का व्यय
पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत में प्रतिवर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। यह उत्सव सभी सरकारी संस्थानों में भी आयोजित किया जाता है।
किन्तु इसके साथ एक अनौपचारिक प्रथा अनजाने में जुड़ गई है—सभी कार्मिकों को निःशुल्क टी-शर्ट एवं योगासन सामग्री वितरित करना। अब स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश कार्मिक इस अपेक्षा में रहते हैं कि उन्हें ये दोनों वस्तुएँ अवश्य प्राप्त होंगी।
मेरा विनम्र निवेदन है कि यह एक अनावश्यक एवं अव्यवहारिक व्यय है। प्रायः देखा गया है कि वितरित की गई टी-शर्ट का उपयोग किसी अन्य दिवस पर नहीं किया जाता, अतः वर्ष में केवल एक दिन पहन कर इसे निस्तारित कर दिया जाता है, यह संसाधनों की अप्रभावी उपयोगिता को दर्शाता है।
वर्तमान में स्थिति यह प्रतीत होती है कि योग के वास्तविक उद्देश्य की अपेक्षा इन वस्तुओं के वितरण को अधिक महत्व मिल रहा है। अतः अनुरोध है कि इस प्रथा की समीक्षा कर इसे निरस्त करने पर विचार किया जाए, जिससे सरकारी धन का समुचित एवं सार्थक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।