विषय : चालक को अनावश्यक डिजिटल व्यवधान

2 views
Skip to first unread message

Sanjeev Goyal

unread,
9:45 AM (14 hours ago) 9:45 AM
to dwarka-residents

PMOPG/E/2026/0036364



संबंधित विभाग : परिवहन

 

वर्तमान समय में शहरी परिवहन व्यवस्था में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं का व्यापक प्रसार हो चुका है। अधिकांश कैब चालक आजीविका के उद्देश्य से एक साथ अनेक डिजिटल प्लेटफार्मों—जैसे उबर, ओला, भारत टैक्सी, रेपिडो आदि—से एकसाथ संपर्क में रहते हैं। परिणामस्वरूप, जब चालक एक प्लेटफार्म की सवारी लेकर यात्रा कर रहा होता है, तब भी अन्य प्लेटफार्मों से लगातार राइड अनुरोध (घंटी) आते रहते हैं।

 

इस स्थिति से दो प्रमुख समस्याएँ उत्पन्न होती हैं—

     1.        चालक का ध्यान बार-बार मोबाइल की ओर जाने को उत्सुक होता है, जिससे सड़क सुरक्षा प्रभावित होती है।

    2.        लगातार बजती घंटियों से यात्री भी असुविधा एवं मानसिक व्यग्रता अनुभव करते हैं।

 

उदाहरण के लिए यदि किसी यात्रा की अवधि 30 मिनट है और चालक को ज्ञात है कि वर्तमान यात्रा पूर्ण किए बिना वह अगली सवारी स्वीकार नहीं कर सकता, तो इस दौरान बार-बार राइड अनुरोध की घंटी बजने का कोई औचित्य नहीं है। प्रत्येक बार घंटी बजने पर चालक स्वाभाविक रूप से स्क्रीन देखने का प्रयास करता है, जो दुर्घटना की आशंका बढ़ा सकता है। इसके अतिरिक्त एक समस्या और भी है, की दफा चालक अपनी वर्तमान  यात्रा पुरी होने से बहुत पहले ही नई यात्रा को स्वीकार कर लेते हैं जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और नए यात्री को अनावश्यक कठिनाई का सामना करना पड़ता है।   

 

अतः निवेदन है कि संबंधित नियामक प्राधिकरण इस समस्या के समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जब तक एक सवारी वाहन में यात्रा कर रही हो, तब तक अन्य प्लेटफार्मों से राइड अनुरोध की घंटी निष्क्रिय रहे। इससे सड़क सुरक्षा, यात्री सुविधा एवं चालक की एकाग्रता—तीनों में सुधार होगा। सड़क सुरक्षा मानकों के अंतर्गत ड्राइविंग के समय अनावश्यक डिजिटल व्यवधानों को न्यूनतम करने संबंधी नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।


--
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages