१. http://www.akshargram.com/sarvagya/index.php/Anugunj - में
चिट्ठाजगत की चिप्पियाँ लगाने की विधि भी जोड़ी है। इसके जरिए आयोजक
अनुगूँज के लेखों की खोज कर सकेंगे।
२. हर अनुगूँज का अपना पन्ना है, जैसे कि अभी वाले के लिए
http://www.akshargram.com/sarvagya/index.php/Anugunj:23
इस पन्ने पर लेखक अपने लेख की कड़ी डाल सकते हैं। कड़ी जोड़ने के लिए
"edit" पर चटका लगाना होगा। अनुगूँज के आयोजक चिप्पी द्वारा खोज, घोषणा
की टिप्पणियों के साथ साथ अनुगूँजी पन्ने के जरिए भी कड़ियाँ उठा सकते
हैं।
अंततः एक सुझाव और देना चाहूँगा कि हम अनुगूँज के आयोजन के लिए अब से ऐसे
व्यक्तियों को ही प्रोत्साहित करें जिन्होंने कभी पहले अनुगूँज आयोजित
नहीं किया है। पहले हमारे पास लोगों की कमी थी, पर उसके कुछ फ़ायदे भी
थे।
अब लिखने वाले बहुत हैं, उसके भी कई फ़ायदे हैं, उनका लाभ उठाना चाहिए।
आलोक
--
Can't see Hindi? http://devanaagarii.net