पुस्तुत पुस्तक एकदा भारतवर्षे--- की कथाएँ संस्कृति के कैप्सूल हैं समय के साथ-साथ कहानियों का स्वरूप बदलता रहता है, किंतु उनमें अंतर्निहित भावना सदा जीवित रहती है। 21 वीं सदी की ये बोधकथाएँ पाठक को कठिन समय में दुःख सहने की शक्ति और अच्छे समय में सुख के साझे की सन्मति प्रदान करती है।
इन कहानियों का भाव हमारे वर्तमान समय के साथ जुड़ा है। एकदा भारतवर्षे की कहनियाँ अपने समकालीन संदर्भो से जुड़कर एक नए रूप में सामने आता है, नया अर्थ वैभव देता है, जो हमें समझने और जीने की शक्ति प्रदान करता हैं। इस कारण ये कहानियाँ आज अधिक महत्वपूर्ण हैं।