हरि: ॐ।
ॐ श्री सद्गुरवे नम:|
अधोदत्त-प्रश्नेभ्य: (हिन्दी भाषायां सन्ति) कृपया समाधानानि यच्छतु, धन्यवाद: ।।
मेरी मित्र-मण्डली में इन तीन प्रश्नों पर चर्चा चल रही है :
१) आज देश में संस्कृत के अध्यापन, अध्ययन, प्रयोग और प्रसार की क्या दशा/प्रगति है ?
२) स्नातक और उससे आगे पढ़े हुए कितने विद्यार्थी प्रतिवर्ष विश्वविद्यालयों / वेद पाठशालाओं, आदि से निकलते हैं ? इन लोगों को किस तरह की नौकरियाँ /जीविका मिलती है ?
३) संस्कृत भाषा में प्रवीण, या फिर, उसमें व्यावहारिक बोलचाल करने की क्षमता रखने वाले, पूरे देश में लगभग कितने लोग होंगे ?
यदि आपके पास ऐसी कुछ जानकारी है तो कृपया भेजें ।
Sivakumar