दहेज प्रथा

25 views
Skip to first unread message

Shreenivas Naik

unread,
Jan 22, 2016, 7:50:02 AM1/22/16
to hind...@googlegroups.com

 दहेज प्रथा

दहेज.प्रथा का उदभव कब और कहां हुआ यह कह पाना असंभव है। विश्व के विभिन्न सभ्यताओं में दहेज लेने और देने के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं। इससे यह तो स्पष्ट होता है कि दहेज का इतिहास अत्यन्त प्राचीन है। अब हम यह जान लें कि दहेज कि वास्तविक परिभाषा क्या है  दहेज के अंतर्गत वे सारे सामग्रियां अथवा रकम आते हैं जो वर पक्ष को वधू पक्ष के माध्यम से विवाह के प्रक्रिया के दौरान अथवा विवाह के पश्चात प्राप्त होते हैं। इन वस्तुओं की मांग या तो वर पक्ष द्वारा वधू पक्ष से की जाती है अथवा वे स्वेच्छा से इसे प्रदान करते हैं।

हालांकि दहेज का पूरे विश्व में किसी न किसी रूप में बोलबाला है। अपितु भारत में यह तो एक भयंकर बीमारी के रूप में मौजूद है। देश का शायद ही ऐसा कोर्इ भाग बचा हो जहां के लोग इस बीमारी से ग्रसित न हों। आए दिन दहेज लेने.देने के सैकड़ों मामले दिखार्इ देते हैं। जिन व्यकितयों की बेटियां होती हैंए वे अल्प काल से ही दहेज के लिए रकम संग्रह में लीन हो जाते हैं। इस वजह से समाज का एक बड़ा तबका बेटियों को मनहूस समझता है और प्रतिवर्श देश में ही लाखों बेटियों को लिंग परीक्षण कर समय से पूर्व ही नष्ट कर दिया जाता है। विवाह के पश्चात लड़कियों को दहेज के लिए प्रताडि़त करने के सैकड़ों मामले हमारे समाज का हिस्सा बनती जा रही है। हालांकि सरकार द्वारा दहेज विरोधी अनेक सख्त कानून और सजा का प्रावधान हैए अपितु दहेज के मामले घटने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं। देश भर में दहेज के लोभी राक्षसों द्वारा जलाया जा रहा हैए मारा जा रहा है और प्रताडि़त किया जा रहा है। दहेज लोभी लोग मानवीयता भूलकर अमानवीय कृत्यों से परहेज नहीं करते।

आज हमारी सरकारों द्वारा लड़कियों के उत्थान व विकास के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैंए जिनमें शिक्षाए रोजगार सहित विवाहोपरांत मदद भी शामिल है। यह सब इसलिए ताकि बेटियों के परिवारों को बेटियां बोझ न लगें और लड़कियां आत्मनिर्भर हो सकें। दहेज लेना और देना तो कानूनन अपराध है ही लेकिन साथ ही इससे संबंधित किसी प्रकार की शिकायत पर तुरंत कार्रवार्इ की जाती है। अनेक स्वयंसेवी संस्थाओं  सांस्कृतिक कार्यक्रमोंए चलचित्रों आदि के माध्यम से समाज में दहेज के प्रति जागरूकता का आहवान किया जा रहा है। इन सब के बावजूद हमारे देश से दहेज को मिटाना तभी संभव होगा जब आज कि युवा पीढ़ी यह प्रण करें कि वे दहेज से परहेज करेंगे। युवाओं का यह प्रयास भविष्य में दहेज को नेस्ताबूत कर सकता है। इससे समाज एक बार फिर खुशहाल हो सकेगा और भारत अपना गौरव हासिल कर सकेगा।

Thanks and Regards
Shreenivas Naik,
M.A., M.Ed., M.Phil.
G.P.U.College
Vogga
Bantwal
D.K. 574265
9481758822
9448593978

santosh bhandari

unread,
Jan 23, 2016, 11:30:08 PM1/23/16
to hind...@googlegroups.com

Bht khoob sir ji

--
1. Webpage for this HindiSTF is : https://groups.google.com/d/forum/hindistf
Hindi KOER web portal is available on http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Portal:Hindi
 
2. For Ubuntu 14.04 installation, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Kalpavriksha (It has Hindi interface also)
 
3. For doubts on Ubuntu and other public software, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Frequently_Asked_Questions
 
4. If a teacher wants to join STF, visit http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Become_a_STF_groups_member
 
5. Are you using pirated software? Use Sarvajanika Tantramsha, see http://karnatakaeducation.org.in/KOER/en/index.php/Why_public_software
सार्वजनिक संस्थानों के लिए सार्वजनिक सॉफ्टवेयर
---
You received this message because you are subscribed to the Google Groups "HindiSTF" group.
To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to hindistf+u...@googlegroups.com.
To post to this group, send email to hind...@googlegroups.com.
Visit this group at https://groups.google.com/group/hindistf.
To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/msgid/hindistf/CAOWNnMHK104Mv_CE0cE2%3DBpRGo244JO%2BRCU86yfemgwR%2BuqaJQ%40mail.gmail.com.
For more options, visit https://groups.google.com/d/optout.

appu ambure

unread,
Feb 4, 2016, 9:24:30 AM2/4/16
to hind...@googlegroups.com
hindi vallarike kavi 
link send me sir 

basavaraj gulabal

unread,
Feb 7, 2016, 9:33:46 PM2/7/16
to hind...@googlegroups.com
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages