KAVYA SANKALAN

64 views
Skip to first unread message

SUNIL PARIT

unread,
Jun 19, 2016, 8:23:03 PM6/19/16
to hind...@googlegroups.com

ज्ञानोदय साहित्य संस्था एवं ज्ञानोदय प्रकाशन, कर्नाटक प्रस्तुत ...
।। कर्नाटक के कवि एवं कवयित्रियाँ ।।
हिन्दी संसार की अत्यंत सरल एवं सुंदर भाषा है। यह भारत की राज्यभाषा है, और शीघ्र ही राष्ट्रभाषा बनने जा रही है। इसके लिए सारे देश भर से प्रयास हो रहे हैं, और इस दिशा में कर्नाटक भी पीछे नहीं पडा है। कर्नाटक में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में बेह्द काम हो रहे हैं, अहिन्दी प्रदेश होते हुए भी हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में बहुत काम हो रहे है।
इस दृष्टि से अब हम सब लोग मिलकर “कर्नाटक के कवि एवं कवयित्रियाँ ” नामक एक काव्य संकलन बना रहे हैं। इसमें सिर्फ कर्नाटक के साहित्यकार होंगे, एक एक रचनाकार की 4 से 5 श्रेष्ठ कविताएँ होंगी, एक पन्ने पर फोटो और परिचय होगा। आपको अपनी श्रेष्ठ 10 कविताएँ (एक पन्नेवाली, 20 पंक्तियोंवाली), फोटो और परिचय भेजना है। संकलन ISBN नंबर का होगा और इसका प्रचार-प्रसार संपूर्ण देशभर में किया जायेगा। संकलन के प्रकाशन में कोई सहयोग राशि भेजना नहीं है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विशिष्ट साहित्यसेवा है।
सब तैयारी होने के बाद आपको सूचना दी जायेगी कि किताब कितने पन्ने की बनेगी, कितने रचनाकार शामिल हुए हैं और कीमत कितनी निर्धारित है। उसके बाद आपको सोचकर बताना है कि आपको कितनी प्रतियाँ चाहिए। मात्र ध्यान में रहे कि सब काम परोक्ष रुप में सहयोग के आधार पर ही हो रहा है। चाहे तो सब रचनाकारों को सम्मानपत्र दिया जायेगा, इच्छा हो तो लोकार्पण कार्यक्रम करेंगे। आप लोगों का पूर्ण सहयोग, मार्गदर्शन और सुझाव चाहते हैं। कृपया अपने मित्र-संबंधियों को भी सूचना दीजिए।
अंतिम दिनांक :- 31-07-2016
संपर्क :-

Dr. SUNIL PARIT
M.A, M.Phil, Ph.D, PGDT, विद्यासागर, मंडलरत्न
(वरिष्ठ हिन्दी अध्यापक, अध्यक्ष/संपादक- ज्ञानोदय साहित्य संस्था, कर्नाटक)
C/O MARUTI PATIL
H.No.-56, MARKANDEYA NAGAR
APMC MARKET YARD,
BELGAUM – 590010  KARNATAKMOB. 08867417505, 09480006858
Email :- dr.sun...@gmail.com

Dr. AMBUJA N. MALAKHEDKAR
M.A, Ph.D,B.Ed.
PLOT No.35, VISHWARADHYA COLONY,
ALAND ROAD,
KALABURGI – 585101
Mob. 08472274789, 9740477909
Email:-suman....@rediffmail.com

1.jpg
3.jpg
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages