उन्हें जबरदस्ती ले जाया गया। सीएम से वीसी के नाम पर बस दबाव डाला गया। वो जांच की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। अभी पूरे परिवार को नजरबंद रखा है। बात करने पर मना है। क्या धमकाकर उन्हें चुप कराना चाहती है सरकार? अन्याय पर अन्याय हो रहा है।>>
III/V. <<सुनिए हाथरस के DM ने लड़की के पिता से क्या कहा: मीडिया आज यहॉं है, कल नहीं रहेगी. सब चले जायेंगे। आप सरकार की बात मान लो, शर्मनाक। ये धमकी नहीं तो क्या है ? #डरपोक_योगी>>
बाद में कहोगे मनीषा वाल्मिकी नाम की कोई लड़की थी ही नहीं ! अपने चेले चपाटों की मदद से अपने मिडिया के गुंडों से आप चाहे जितना झूठ, फरेब, बकवास फैलाते रहें. आठवले पासवान के बहाने चाहे जितना समरसतावादी ढोल बजा ले
याद रखना वाल्मिकी की बेटी झुलसने के बाद भी जिंदा है !