रोचक कथा

2 views
Skip to first unread message

ASHOK KUMAR Gupta

unread,
Feb 2, 2021, 8:28:05 AM2/2/21
to Kharagpuri
एक अशोक गर्ग नाम के पंडित जी थे। पंडित जी ने एक छर्रा नामक दुकानदार के पास पाँच सौ रुपये रख दिये..
.
उन्होंने सोचा कि जब बच्ची की शादी होगी, तो पैसा ले लेंगे, 
.
थोड़े दिनों के बाद जब बच्ची सयानी हो गयी, तो पंडित जी उस छर्रा दुकानदार के पास गये।
.
छर्रा दुकानदार ने नकार दिया कि आपने कब हमें पैसा दिया था। 
.
उसने पंडित जी से कहा कि क्या हमने कुछ लिखकर दिया है ? पंडित जी इस हरकत से परेशान हो गये और चिन्ता में डूब गये।
.
थोड़े दिन के बाद उन्हें याद आया कि क्यों न चेयरमैन नामक राजा से इस बारे में शिकायत कर दें ! ताकि वे कुछ फैसला कर दें एवं मेरा पैसा कन्या के विवाह के लिए मिल जाये।
.
वे चेयरमैन राजा के पास पहुँचे तथा अपनी फरियाद सुनाई..
.
चेयरमैन राजा ने कहा.. कल हमारी सवारी निकलेगी तुम उस छर्रा की दुकान के पास खड़े रहना !!
.
चेयरमैन राजा की सवारी निकली.. सभी लोगों ने फूलमालाएँ पहनायीं, किसी ने आरती उतारी।
.
गर्ग पंडित छर्रा की दुकान के पास खड़े थे !
.
चेयरमैन राजा ने कहा... गुरुजी आप यहाँ कैसे ! आप तो हमारे गुरु हैं ? आइये इस बग्घी में बैठ जाइये,
.
गर्ग पंडित यह सब देख रहे थे, उन्होंने आरती उतारी, सवारी आगे बढ़ गयी।
.
थोड़ी दूर चलने के बाद चेयरमैन राजा ने गर्ग पंडित को उतार दिया और कहा कि गर्ग पंडित हमने आपका काम कर दिया। अब आगे आपका भाग्य !!
.
उधर छर्रा यह सब देखकर हैरान थे कि गर्ग पंडित की तो चेयरमैन राजा से अच्छी साँठ-गाँठ है..
.
कहीं वे हमारा कबाड़ा न करा दें !!
.
छर्रा ने अपने मुनीम को गर्ग पंडित को ढूँढ़कर लाने को कहा.. 
.
गर्ग पंडित एक पेड़ के नीचे बैठकर कुछ विचार कर रहे थे, मुनीम जी आदर के साथ उन्हें अपने साथ ले गये।
.
छर्रा ने प्रणाम किया और बोले.. गर्ग पंडित हमने काफी श्रम किया तथा पुराने खाते को देखा..
.
तो पाया कि हमारे खाते में आपका पाँच सौ रुपये जमा है।
.
पंडित जी दस साल में ब्याज के बारह हजार रुपये हो गये, पंडित आपकी बेटी हमारी बेटी है..
.
अत: एक हजार रुपये आप हमारी तरफ से ले जाइये तथा उसे लड़की की शादी में लगा देना,
.
इस प्रकार छर्रा ने पंडित को तेरह हजार रुपये देकर प्रेम के साथ विदा किया.. 
.
जब मात्र एक राजा के साथ सम्बंध होने भर से विपदा दूर जो जाती है तो...! 
.
हम सब भी अगर इस दुनिया के राजा, दीनदयालु भगवान् से अगर अपना सम्बन्ध जोड़ लें...! 
.
तो हमारी कोई समस्या, कठिनाई या फिर हमारे साथ अन्याय का.. कोई प्रश्न ही नही उत्पन्न हो।
  


DURGA PRASAD JUGRAN

unread,
Feb 2, 2021, 10:40:45 AM2/2/21
to ASHOK KUMAR Gupta, Kharagpuri
जय हो ।

--
You received this message because you are subscribed to the Google Groups "DESIBOYSBHUIT73TO78" group.
To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to desiboysbhuit73...@googlegroups.com.
To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/msgid/desiboysbhuit73to78/CAEwCOwTTzV4htAjkLSRSKKE6g4NkEhmAzm8Tchs5gxN4xm791Q%40mail.gmail.com.

AJAY SINGH

unread,
Feb 3, 2021, 5:16:41 AM2/3/21
to DURGA PRASAD JUGRAN, Kharagpuri, ASHOK KUMAR Gupta

बाबा का जबाब नहीं।जय हो।


जय हो ।

To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to desiboysbhuit73to78+unsub...@googlegroups.com.

--
You received this message because you are subscribed to the Google Groups "DESIBOYSBHUIT73TO78" group.
To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to desiboysbhuit73to78+unsub...@googlegroups.com.
To view this discussion on the web, visit https://groups.google.com/d/msgid/desiboysbhuit73to78/CAGv8vMBygJHQuG-Rvx5XmpuPJ%3DxSoaZoK%3DFvzXbGA1hSHKCrDA%40mail.gmail.com.
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages