श्लोक का रैफ्रैंस

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Rajkumari Trikha

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Sep 1, 2019, 11:24:40 AM9/1/19
to bvpar...@googlegroups.com
विद्वज्जनों को नमस्कार। 
मुझे एक श्लोक का रैफ्रैंस नहीं मिल रहा है। यदि किसी विद्ववान के ध्यान में हो तो कृपया मेल पर भेज दीजिये। यह आहार शुद्धि से सम्बन्धित श्लोक है।
"आहारशुद्धौ सत्त्वशुद्धिः, सत्त्वशुद्धौ ध्रुवा स्मृतिः।
स्मृतिलम्भे सर्वग्रन्थीनां विप्रमोक्षः।"
ये श्लोक मुझे गूगल सर्च से मिला है। मुझे अधूरा भी लग रहा है। सम्भव हो तो कृपया पूरा भी कर दीजिए।
राजकुमारी त्रिखा

V Subrahmanian

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Sep 1, 2019, 11:58:29 AM9/1/19
to BHARATIYA VIDVAT
On Sun, Sep 1, 2019 at 8:54 PM Rajkumari Trikha <rajkuma...@gmail.com> wrote:
विद्वज्जनों को नमस्कार। 
मुझे एक श्लोक का रैफ्रैंस नहीं मिल रहा है। यदि किसी विद्ववान के ध्यान में हो तो कृपया मेल पर भेज दीजिये। यह आहार शुद्धि से सम्बन्धित श्लोक है।
"आहारशुद्धौ सत्त्वशुद्धिः, सत्त्वशुद्धौ ध्रुवा स्मृतिः।
स्मृतिलम्भे सर्वग्रन्थीनां विप्रमोक्षः।"

छान्दोग्य उपनिषत् - 7.26.2.  यह भाग इस लाम्बा मन्त्र के अन्तर्गत है:

तदेष श्लोको न पश्यो मृत्युं पश्यति न रोगं नोत दुःखताꣳ सर्वꣳ ह पश्यः पश्यति सर्वमाप्नोति सर्वश इति स एकधा भवति त्रिधा भवति पञ्चधा सप्तधा नवधा चैव पुनश्चैकादशः स्मृतः शतं च दश चैकश्च सहस्राणि च विꣳशतिराहारशुद्धौ सत्त्वशुद्धिः सत्त्वशुद्धौ ध्रुवा स्मृतिः स्मृतिलम्भे सर्वग्रन्थीनां विप्रमोक्षस्तस्मै मृदितकषायाय तमसस्पारं दर्शयति भगवान्सनात्कुमारस्तꣳ स्कन्द इत्याचक्षते तꣳ स्कन्द इत्याचक्षते ॥ २ ॥  

भवदीयः

 
ये श्लोक मुझे गूगल सर्च से मिला है। मुझे अधूरा भी लग रहा है। सम्भव हो तो कृपया पूरा भी कर दीजिए।
राजकुमारी त्रिखा

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