विश्व आदिवासी दिवस कि हार्दिक शुभकामना

6,092 views
Skip to first unread message

चेतन Chetan

unread,
Aug 8, 2019, 4:37:20 PM8/8/19
to adi...@googlegroups.com
आयुश के मध्यम से जुडे सभी आदिवासी गणो को

जोहार

"International Day of the World's Indigenous Peoples" "विश्व आदिवसी दिवस " कि उपलब्धी पर हार्दिक बधाईया तथा खूब सारी  शुभकामनाए|

आशा है इस उपलब्धी के अवसर पर सारे आदिवसी भाई बहन हर वर्ष कि तरह अपने अपने क्षेत्र मे अपनी सांस्कृतिक धरोहर विविध कार्यक्रमो के जरीये दुनियाके सामने प्रस्तुत करेंगे और अपनी ख़ुशी का इजहार करेंगे|

आईये इस अवसर पर जानते है कि आखिर "International Day of the World's Indigenous Peoples" "विश्व आदिवसी दिवस " का इतिहास क्या है ?


आगे बढने से पहले एक सवाल
" क्या आदिवासी (indigenous) इन्सान है?"


शायद यह पढ कर आप जरूर चौक गये होंगे|

यह बात है १९२३ कि जब युनायटेड नेशन लीग कि अमेरिका कि मिटिंग मे कनाडा से  दो आदिवसी प्रमुख चीफ देसका तथा चीफ मावे शामिल होने गये थे| उस समय विश्वभर मे अमेरिका शक्तिशाली देश के रूप मे उभर रहा था | जिसके चलते अमेरिका आस पास के जंगल जमीन पर कब्जा कर रहा था और साथ हि वहा के आदिवासियो कि खुशहाल जिंदगी मे दाखल देकर उनकी आजादी छीन रहा था| ऐसी परिस्थिती मे इन आदिवसी प्रमुखो को लगा कि अब अगर हमारी आवाज कही सुनी जायेगी तो सिर्फ  युनायटेड नेशन लीग मे| लेकीन १९२५ तक युनायटेड नेशन लीग का दरवाजा हमारे आदिवसी प्रमुखो के लिये खुला नही| उसके बाद दुनिया द्वितीय विश्व युद्ध मे फस गयी और आगे विश्व युद्ध खतम होते हि
VideoSnapshot_20181218_195632.jpg
     
युनायटेड नेशन लीग, युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशनमे तबदील हुआ| जब सारे देश शांती चाहने लगे तब युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशनने जीम्मेवारी पूर्ण निर्णय लेते हुये मानवाधिकार, लेबर एक्त आदिपर काम करना सुरु किया लेकीन इन सभी चीजो मे आदिवासियो के लिये कोई विचार नही किया गया, नाही युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशनको आदिवासियो पर ध्यान देने कि आवाशक्यता महसूस हुई,
VideoSnapshot_20181218_195736.jpg

१९७० के दशक मे  जब मानवाधिकार आयोग जोरो से काम कर रहा था, कनाडा तथा अमेरीका के नजदिकी देशोसे आदिवसी प्रमुख इनके संपर्क मे आये और उन्होने अमेरिका द्वारा होणे वाले अत्याचार तथा पुराने समय मे  ब्रिटन के रानी के साथ किये गये करारो (जो हमारे देश ब्रीटीशो  द्वारा किये गये छोटा नागपूर, संथाल टेनेन्सी अक्ट का उगम है) का  उल्लंघन के बरे मे अवगत कराया| उसके बाद लगभग ९ ऑगस्ट १९८२ को आदिवासियो पर होणे वाले अत्याचार, ज्याद्ती आदि के बरे मे रिपोर्ट दर्ज किया गया|

२३ दिसंबर १९९४ कि असेम्ब्ली मे युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशनने यह महसूस किया कि आदिवासीयो का इस विश्व मे महत्वपूर्ण स्थान है और इसी वजह से हर साल ९ ऑगस्ट को   दुनियाभरमे "International Day of the World's Indigenous Peoples" "विश्व आदिवसी दिवस" के तौर से मनाया जाता है|

VideoSnapshot_20181218_200006.jpg
अब चलते है उस  सवाल कि तरफ जो सुरुवातमे आया था

" क्या आदिवासी (indigenous) इन्सान है?"

इस सवाल का जवाब देने के लिये हमे सेकंद भी नही लगेंगे कि इसका जवाब "हा" है |

आप सभी को यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस सवाल का जवाब  युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशन और  मानवाधिकार आयोग को सोचने मे ८ साल लगे| युनायटेड नेशन ओर्गनायजेशन जैसी इंटेलीजेंट तथा जीम्मेवार संस्था के लोगोने आदिवासी इन्सान होता है यह समझने मानने स्वीकार करनेके लिये ८ साल चर्चा कि जो खुद हि एक इतिहास है|    

विश्वभर मे जहा भी आदिवसी है उनपर हमेशा अत्याचार होते आये है तथा १९९४ के पहले तक आदिवासीयो के लिये न्याय मांगने कि आन्त्र्रास्ष्ट्रीय सत्र पर कही भी व्यवस्था नही थी| जिस समय यह स्वीकार हुआ कि आदिवासी इन्सान है उसका मतलब उन्हे भी मानवाधिकार लागू होते है जो पहले लागू नही होते थे, उसी के साथ किं आदिवासियो को गुलाम बनाया गया, शोषण किया गया उन्हे लेबर एक्ट के तहत सम्मान देना तथा वेतन देना अनिवार्य हो गया|

तो यह "International Day of the World's Indigenous Peoples" "विश्व आदिवसी दिवस "केपीछे कि संक्षिप्त कहानी है |
आईये जानते है आदिवासीयोने दुनियाको क्या राह दिखाई
१ आदिवासी इन्सान होता है
२ हमारे साथ हमारे पूर्वज उनकी यादे सिख के रूप मे जीवित रहते है| इसीलिये आदिवासियो के सभी कार्यक्रम पूर्वजो को याद कर उनसे आशीर्वाद लेकर सुरु किये जाते है|
३ हम आदिवासी अनाज सिर्फ खाने के लिये हि नही इस्तेमाल करते बल्की किसी के प्रति आदर सम्मान प्रकट करने के लिये प्रयोग मे लाते है| इसीलिये हम नया अनाज पूजा के बाद हि खाते है|
४ ह्हम आदिवासी स्त्रियो को सम्मान देते है| इसी को ध्यान रख युनो ने विमेन डे सुरु किया|
5 हमारे पूर्वज निसर्ग पूजन को महत्व देते थे और निसर्ग के घटक हमे अच्छी जिंदगी गुजारने मे सहायक होते है| इस को ध्यान मे रखते हुए युनो ने इंविरोन्मेंट डे अर्थ डे सुरु किया तथा प्रणीयो का संवर्धन हेतू नियम बनाये
६ आदिवासी परिवार को महत्व देता है | बच्चो को महत्व देता है | युनो ने फमिली डे चिल्ड्रेन डे सुरु किया , अपहीज हन्दिकेप व्यक्ती भी परिवार का अंग होता है उसे सम्मान देना युनो ने आदिवासियो से सिखा|
७ आदिवसी कि भाषा संस्कृती ज्ञान के भंडार को विलुप्त होणे से बचाने हेतू युनोने विविध योजनां बनाई और इस साल युनो ने
इंदिजीनास लँग्वेज / आदिवासी भाषा इस थीम को जाहीर किया है|

आईये हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर कला ज्ञान आनेवाली पिढियो के  लिये संजोगने  मे हाथ बटाते है

आप सभी को फिर से  

"International Day of the World's Indigenous Peoples" "विश्व आदिवसी दिवस " कि उपलब्धी पर खूब सारी  शुभकामनाए|


जिंदाबाद

   

--
चेतन व. गुराडा.
Chetan V. Gurada.
Varli Indigenous

AYUSH main

unread,
Aug 8, 2019, 9:01:59 PM8/8/19
to AYUSH google group
|| International Day of the *World’s Indigenous Peoples* ||

9ऑगस्ट हा *आंतरराष्ट्रीय जागतिक आदिवासी दिवस* साजरा करण्याचा निर्णय संयुक्त राष्ट्र संघा ने 1993 ला घेतला आहे.13 सप्टेंबर 2007 रोजी “अदिवासी अधिकार जहिरनामा" यूनोच्या आमसभेत मंजुर झाला आहे. 9ऑगस्ट 2019 रोजी अधिकार जाहिरनाम्याला 12वर्षे पूर्ण होत आहेत. 

_परंतु आदिवासी दिवस व अधिकार जहिरनामा या बाबतीत उदासीन दिसून येत आहे. आजही अदिवासी समाज आपल्या अधिकारापासुन वंचित केला जात आहे व उपेक्षितांचे जीवन जगत आहे. अज्ञानामुळे त्यांना अन्याय, अत्याचार सहन करावा लागत आहे. या घोषणा पत्रातील खालील *तरतुदींचे काटेकोर पालन करण्याची जाणीव सरकारला करुण देण्याची जबाबदरी सुशिक्षित आदिवासींनी/संघटनानी पार पाडावी*._

1. राज्य आदिवासी लोकांचा *इतिहास, भाषा, मौखिक परंपरा तत्वज्ञान, लेखन प्रणाली व साहित्य संरक्षित* ठेवण्यासाठी प्रभावी उपाय करील. राजकीय, कायदेशीर आणि शासकीय कार्यवाही योग्य सुविधामर्फ़त ऐकण्यासाठी व समजून घेण्यासाठी राज्य प्रभावी उपाय केल्याची खात्री करेल. [अनुच्छेद 13(2)]

2.राज्य सरकारी मालकीच्या प्रसारमाध्यमांमध्ये आदिवासी लोकांच्या *संस्कृतीक विविधतेचे सर्वोतोपरी प्रतिबिंब दिसेल* यासाठी प्रभावी उपाय करेल. तसेच खाजगी प्रसार माध्यमांना मूळ आदिवासींच्या *सांस्कृतिक विविधतेचे सर्व प्रकारे प्रचार करण्यासाठी प्रोत्साहन देईल* [अनुच्छेद 16(2)]

3.राज्य, ज्या कायद्यामुळे किंवा प्रशासनिक निर्णयाद्वारे आदिवासी व्यक्तींवर परिणाम होतो, ते *लागू करण्यापूर्वी संबधीत आदिवासी प्रतिनिधी संस्थांशी विचार विनिमय* करून लेखी सहमति घेईल. [अनुच्छेद 19]

4. राज्य, आदिवासी व्यक्तिच्या परंपरागत मालकीच्या, कबज़्यातील किंवा कसत असलेल्या व नियंत्रनातील *जमिनींना, भू-भागांना व संसाधनाना कायदेशीर मान्यता व संरक्षण देईल.* अशा प्रकारचे सरक्षण, मान्यता देताना राज्य संबधित आदिवासी लोकांचे *रितीरिवाज, परंपरा व जमीनपटा पद्धतीचा सन्मानपूर्वक विचार करील.* [अनुच्छेद 26(3)]

५. कोणत्याही प्रकल्पामुळें विशेतः खनिजे, जल व इतर संसाधने या संबधी विकास , उपभोग किंवा वापर करताना आदिवसिंच्या जमिनी, भू भाग आणि संसाधने यावर परिणाम होत असेल तर *प्रकल्पाला मंजुरी देण्यापुर्वी आदिवासी लोकांची स्वतंत्र व सूचित सहमती* प्राप्त करण्यासाठी त्याच्या प्रातिनिधिक संस्थाशी राज्य विचार विनिनाय व सहकार्य करेल. [अनुछेद 32(2)]

६. या घोषनापत्रातील अधिकाराचा उपयोग करण्याच्या उद्देशाने आदिवासिना राज्याकडून *आर्थिक तसेच तांत्रिक सहायता* घेण्याचा अधिकार आहे. [अनुच्छेद 39]

पूर्ण घोषणापत्र वाचण्यासाठी या लिंकवर क्लिक करावे मराठी, हिंदी, इंग्रजी मध्ये उपलब्ध http://bit.ly/2M5PyaW जास्तीत जास्त शेअर करावे, जोहार !

--
Learn More about AYUSH online at : http://www.adiyuva.in/2013/10/ayush.html
---
You received this message because you are subscribed to the Google Groups "AYUSH | Adivasi Yuva Shakti" group.
To unsubscribe from this group and stop receiving emails from it, send an email to adiyuva+u...@googlegroups.com.
To view this discussion on the web visit https://groups.google.com/d/msgid/adiyuva/CADEXw2R%3DmGB1Fzvr9gB4xYmOyRjOJ%2BjeenVjvqc16G1nJ4NkXQ%40mail.gmail.com.

AYUSH main

unread,
Aug 8, 2019, 10:43:09 PM8/8/19
to AYUSH google group
_"जागतिक आदिवासी दिन" विषयी वाढती जागरूकता आशा दायी आहे. प्रत्येकाने आपल्या जवळच्या कार्यक्रमात सहभाग घेऊन हातभार लावाल यात शंका नाही._ 

पण उद्या आदिवासी समाजाची हि ऊर्जा अनुभवताना हि ऊर्जा/उत्साह उत्सवा पुरती मर्यादित न राहता कायम स्वरूपात एकात्म आदिवासी समाजाचे प्रश्न मुळापासून सोडविण्याच्या प्रक्रियेशी जोडून ठेवण्यासाठी कामी येईल. आणि तसे वातावरण तयार करण्यासाठी *काय करता येईल हा विचार दिवस भर मनात ठेवून निरीक्षण करावे आणि उपाय शोधुन त्याप्रमाणे हातभार लावावा, जेणेकरून हि प्रचंड ऊर्जा समाज हिताच्या कामी येईल.* सगळ्यांना आयुश कडून जागतिक आदिवासी दिनाच्या शुभेच्छा ! जोहार https://youtu.be/jAK48O8QI44
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages